
हिंगोनी में 12 साल की लक्ष्मी यादव का बोट से रेस्क्यू
भोपाल. प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. राजधानी भोपाल में भी बाढ़ के से हालात हैं. शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. पास के गांवों के हालात तो और भी गंभीर हैं। भोपाल में होशंगाबाद रोड स्थित सिग्नेचर कैम्पस में पानी भरने से बच्चे फंस गए जिससे रेस्क्यू करने की नौबत बन गई। आसपास के कई गांवों में लोग घरों में कैद हो गए हैं। कुछ गांव तो टापू बन चुके हैं। दामखेड़ा में भी पानी भर गया। इससे यहां के 20 से ज्यादा परिवारों को शिफ्ट करना पड़ा। यहां दो साल पहले भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। समर्दा टोला में भी 50 से ज्यादा परिवारों को शिफ्ट करने की नौबत आ गई। कलियासोत डैम के गेट खुलने और नदी में तेजी से बहते पानी की वजह से दामखेड़ा एवं समर्दा टोला के घरों में पानी भर गया।
जानकारी के अनुसार दामखेड़ा में नदी किनारे झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे 20 परिवारों को शासकीय स्कूल में रुकवाया गया है। नगर निगम ने इनके भोजन की व्यवस्था की। इधर समर्दा टोला में निचली बस्तियों में पानी भरने से लगभग 50 परिवारों को नजदीक के शासकीय स्कूल में रुकवाया गया है। इस बीच बैरसिया में 12 साल की बच्ची का बोट से रेस्क्यू किया गया. तहसील के ग्राम हिंगोनी में 12 साल की लक्ष्मी यादव का बोट से रेस्क्यू किया गया। लक्ष्मी का घर का रास्ता पानी की वजह से पूरी तरह बंद हो गया था। वह बीमार थी लेकिन पानी में फंस गई थी। उसे बमुश्किल बाहर निकाला गया और फिर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
होशंगाबाद रोड पर सिग्नेचर एस.9 में बीमार बच्चे घर में फंसे थे। सड़क पर करीब 6 फीट पानी भरा होने से परिजन बच्चों को हॉस्पिटल भी नहीं ले जा पा रहे थे। नगर निगम की फायर ब्रिगेड के जरिए दोनों बच्चों को बाहर निकाला और हॉस्पिटल ले जाया गया। फायर ऑफिसर पंकज खरे ने बताया कि दो बीमार बच्चों को 6 फिट गहरे जलभराव क्षेत्र से फायर ब्रिगेड के जरिए हॉस्पिटल पहुंचाया गया। करीब 200 मीटर सड़क पर पानी भरा था जिसके कारण एम्बुलेंस भी नहीं पहुंच पा रही थी। बीमार बच्चों को हॉस्पिटल ले जाना बहुत जरूरी हो चुका था। इसलिए फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया। फायर ब्रिगेड के ड्राइवर नीलेंद्र यादव ने जलमग्न सड़क पर सुरक्षित तरीके से गाड़ी चलाई। शहर में बारिश जारी है और इस कारण कोलार के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए हैं। अशोका गार्डन, हमीदिया रोड, बैरागड़, नीलबड़, रातीबड़ आदि इलाकों में भी ऐसे ही हालात है।
Updated on:
16 Aug 2022, 8:59 PM IST
Published on:
16 Aug 2022, 8:59 PM IST
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