
(फोटो सोर्स: पत्रिका)
MP News: बदमाशों में खौफ और बेहतर पुलिसिंग के लिए पुलिस ने कानून व्यवस्था की पड़ताल का नया तरीका ढूंढ़ा है। देर रात 12 बजे मध्यप्रदेश के 565 थानों का एक साथ रात्रिकालीन ऑडिट कराया गया। यह सुबह 5 बजे तक चलता रहा। इसमें जोन के एडीजी, आइजी, पुलिस कमिश्नर, डीआइजी, एसपी, एएसपी, एसडीओपी थानों में पहुंचे और कई बिंदुओं पर व्यवस्था देखी।
सीएम डॉ. मोहन यादव की मंशा के तहत डीजीपी कैलाश मकवाना ने इसके निर्देश दिए थे। डीजीपी ने वर्चुअली निगरानी की। कुछ स्थानों पर मामूली कमियां मिली, इसे दूर करने के निर्देश दिए।
-तय काम रात में हो रहे हैं या नहीं।
-ड्यूटी रजिस्टर में जिनकी आमद है, वे जवान ड्यूटी में है या नहीं।
-बंदीगृह में कोई आरोपी तो नहीं है, यदि है तो कानूनी वजह क्या रही।
-सीसीटीवी कैमरे, वायरलेस सिस्टम काम कर रहा है या नहीं। कोई जवान नशे में तो नहीं है।
-पुलिस अफसर ड्यूटी रोस्टर के तहत मैदान में है या ड्यूटी से गायब।
-थाने में रात में फरियादियों से पुलिस कैसे पेश आ रही है, उन्हें मदद मिल रही है या नहीं।
-थाना क्षेत्र में दर्ज गंभीर अपराधों की जांच कहां तक पहुंची, जांच में लापरवाही तो नहीं।
वहीं ग्वालियर शहर और देहात के थानों की हालत कैसी है। दिन के वक्त तो ठीक है। रात को फोर्स कितना सतर्क रहता है। आईजी अरविंद कुमार सक्सेना और एसएसपी धर्मवीरसिंह यादव हालात को देखने के लिए रात को निकले। आईजी सक्सेना बंगले से निकल कर गोला का मंदिर और उटीला थाने गए, जबकि एसएसपी यादव ने पनिहार थाने का हाल देखा।
आईजी अरविंद सक्सेना रात करीब 12 बजे गोला का मंदिर थाने पहुंचे। उस वक्त रात की पाली की ड्यूटी हो रही थी। थाने में आईजी को देखकर फोर्स सकपका गया। थाने में जब्ती के वाहनों का ढेर ऊटपटांग तरीके से लगा था। अंदर मालखाने में रेकार्ड की हालत भी यही थी। ऊर्जा डेस्क भी अस्त व्यस्त थी। आईजी सक्सेना ने थाने में मौजूद फोर्स को बुलाकर सामने खड़ा किया। उनसे कहा माइक्रो बीट सिस्टम के बारे में बताओ अभी तक इसके हिसाब से कैसे काम किया है उसका ब्यौरा दो।
उनका सवाल सुनकर पुलिसकर्मी एक दूसरे का मुंह तांकने लगे। माइक्रो बीट सिस्टम का रजिस्टर ब्लैंक (खाली) था। मालखाने में हथियार और जब्त सामान भी कबाड़ की तरह रखा था। गुंडे बदमाश, हिस्ट्रीशीटर का रेकार्ड सलीके से नहीं था। पेडिंग अपराधों का ढेर था। जरायम रजिस्टर भी गड़बड़ था। ई संमस के बारे में भी फोर्स नहीं बता पाया। आईजी सक्सेना ने बताया उम्मीद थी कि गोला का मंदिर थाने की हालत ठीक होगी, लेकिन शहर के थाने का ढर्रा निराशाजनक है।
रात करीब 2 बजे के बाद आईजी सक्सेना उटीला थाने में पहुंचे। यहां सीसीटीवी, मालखाना, और अपराधों का लेखा जोखा दुरूस्त मिला। आईजी ने थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से नए कानून और माइक्रो बीट सिस्टम के बारे में भी जानकारी ली। आईजी सक्सेना के मुताबिक यहां थाने में ऊर्जा डेस्क की हालत भी संतोषजनक थी।
उधर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने रात करीब एक बजे पनिहार थाने की स्थिति देखी। एसएसपी यादव ने थाने में पहुंचकर रात ड्यूटी में मौजूद पुलिसकर्मियों को बुलाया। उनसे गश्त का ब्यौरा लिया। फिर थाने के रेकार्ड और मालखाने को चैक किया।
Published on:
16 Jun 2025 05:32 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
