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होली मनाने आईं विदेशी लड़कियां, खूब लगाया रंग, बॉलीवुड गीतों पर जमकर​ थिरकीं

होली के रंग में रंगी यूरोप की क्रिस्टिना और सारा, जमकर उड़ाया गुलाल, रंगपंचमी पर विदेशी मेहमान क्रिस्टिना व सारा को उज्जैनवासियों ने रंग लगाया

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होली के रंग में रंगी यूरोप की क्रिस्टिना और सारा

राजेश जारवाल, उज्जैन. पश्चिमी संस्कृति को पूरब का जादू हमेशा से ही प्रभावित करता रहा है। भारत तो विदेशियों का शुरु से ही पसंदीदा देश रहा है। विदेशी लोग भारतीय फेस्टिवल के उल्लास में ऐसा रमे देखे जाते हैं कि लगता ही नहीं है कि यह हमारे देश के नहीं हैं। इसपर भी होली जैसा पर्व हो तो क्या कहने! होली के रंग में रंगने के लिए कई विदेशी लड़कियां ऐसी लालायित दिखीं कि हनुमानजी और श्री खाटूश्याम के मंदिर पर चली आईं।

बाबा महाकाल की नगरी में विदेशियों का आना—जाना यूं भी खूब होता है। महाशिवरात्रि उत्सव का हो या फिर होली-रंगपंचमी पर शहर में छाए चटक रंगों का, जब से श्री महाकाल लोक की ख्याति विश्वभर में फैली है तब उज्जैन में कहीं न कहीं फॉरेनर्स आपको दिख ही जाते हैं। कुछ विदेशी स्टूडेंटस तो बरसों से उज्जैन में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

होली पर ये स्टूडेंट रंगों में रंग नजर आए। बिड़ला हॉस्पिटल के नजदीक बने हनुमानजी और श्री खाटूश्याम के मंदिर पर कुछ ऐसा ही नजारा दिखा, जहां विदेशी युवतियों पर रंग-गुलाल उड़ाए जा रहे थे। इसमें कुछ विदेशी छात्राएं तो बॉलीवुड और ठेठ लोकगीतों पर डांस भी कर रहीं थीं। उनका उत्साह और अंदाज हर किसी को अचंभित और आनंदित कर रहा था।

ये विदेशी युवतियां आरडीगार्डी मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. मेघा शर्मा व उनके ग्रुप के साथ होली खेलने पहुंचीं थीं। डॉ. शर्मा ने बताया कि दोनों मेरी स्टूडेंट्स हैं जो क्रोएशिया और बेल्जियम से आरडीगार्डी में मेरे मार्गदर्शन में पढ़ाई कर रही हैं। क्रिस्टीना स्केंदेर पीएचडी कर रही है और सारा वेन-डे वेयर मास्टर डिग्री कर रही हैं। वह रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।

करोलिंस्का इंस्टिट्यूट स्वीडन से एफिलिएटेड रिचर्सर डॉ. शर्मा 2009 से उज्जैन में लगातार विदेशी स्टूडेंट्स को पढ़ा रही हैं। वे अब तक 30 विदेशी स्टूडेंट सुपरवाइज कर चुकी हैं और अनेक बार विदेशों में व्याखान भी दे चुकी हैं। विदेशी स्टूडेंट को अक्सर होली का त्योहार लुभाता है और वे रंग लगाकर उत्साह के साथ ये त्योहार मनाती हैं।