28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेटे ने जंगल में बनाया रिसोर्ट, नोटिस पर पूर्व मुख्य सचिव और सरकार में ठनी

बेटे सहित 15 को नोटिस, पूर्व मुख्य सचिव की शिकायत पर जांच के निर्देश  

2 min read
Google source verification
tigers.jpg

पूर्व मुख्य सचिव की शिकायत पर जांच के निर्देश

भोपाल। राजधानी भोपाल के कोलार डैम के नजदीक बने रातापानी जंगल लाज (रिसोर्ट) के मामले में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह और राज्य सरकार में ठन गई है. वन विभाग ने इस रिसोर्ट के भूमि स्वामी पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह के बेटे धनंजय सिंह को नोटिस थमा दिया है. इसमें रिसोर्ट परिसर में किसी भी तरह के निर्माण व पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वन विभाग का कहना है कि रिसोर्ट वन विभाग की भूमि पर बना है। इधर पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई है। उनका यह कहना है कि वनविभाग फिजूल में हमें परेशान कर रहा है। इसपर राज्य शासन ने वन बल प्रमुख आरके गुप्ता को मामले की जांच करने को कहा है।

आदित्य विजय सिंह मार्च 2002 से जनवरी 2004 तक मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव रहे हैं। राजधानी से सटे सीहोर जिले के वनग्राम लावाखाड़ी में उनके बेटे का रिसोर्ट है जिसे बहू संचालित करती हैं। वन विभाग के अनुसार रिसोर्ट परिसर में निर्माण किया जा रहा था, इसलिए नोटिस दिया गया है। उनसे कहा गया है कि जब तक यह भूमि डि-नोटिफाई न हो जाए, तब तक यहां कोई निर्माण या पेड़ों की कटाई न करें। खास बात की है कि रिसोर्ट निर्माण के 10 साल बाद विभाग को वनभूमि पर निर्माण का पता चला और रिसोर्ट संचालक को अब नोटिस दिया गया। वन विभाग ने सिंह के अलावा 15 अन्य लोगों को भी नोटिस दिए हैं। इनमें से ज्यादातर लोग जंगल में ढाबा चला रहे हैं। नोटिस के जवाब में पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह ने पत्र लिखकर बताया कि जमीन खरीदी गई है और रिसोर्ट यहां 10 साल से चल रहा है।

सीहोर के वनमंडल अधिकारी डा. अनुपम सहाय का कहना है कि यह भूमि काफी पहले राजस्व भूमि घोषित की जा चुकी है। इसलिए राजस्व रिकार्ड मेंं भी दर्ज है. पर चूंकि डि नोटिफाई नहीं की गई इसलिए वन विभाग के रिकार्ड में भी है। नियम अनुसार दोहरे स्वामित्व की इस भूमि पर डिनोटिफाई होने तक गैर वानिकी काम नहीं किए जा सकते हैं.

इस संबंध में भूमि स्वामी और पूर्व मुख्य सचिव एवी सिंह ने बताया कि भूमि मेरे नाम पर है। मुझे जो कहना था मैंने सही जगह कह दिया है। इधर सीहोर के वनमंडल अधिकारी डा. अनुपम सहाय के अनुसार रिसोर्ट वनभूमि पर बना है इसलिए हमने नोटिस दिया है। भूमि डि-नोटिफाई जब तक नहीं कर ली जाती है, तब तक नया निर्माण न करें।

Story Loader