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शाम 7 से रात 10 तक… ‘धूम’ फिल्म की स्टाईल में लूट, भोपाल में मोबाइल पर बात करने वाले सावधान !

Mobile theft and chain snatching: अयोध्या थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि गैंग के चार सदस्यों साहिल खान, फैजान पठान , समीर अंसारी तीनों निवासी निशातपुरा और तालिब खान निवासी ईंटखेड़ी को गिरफ्तार किया है।

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Mobile theft and chain snatching: आयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार किया (Photo Source - Patrika)

Mobile theft and chain snatching: आयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार किया (Photo Source - Patrika)

Theft news: बहुचर्चित बॉलीवुड फिल्म घूम की तर्ज पर स्पोर्ट्स मोटर बाइक से मोबाइल लूट और चेन स्नेचिंग करने वाले ईरानी गैंग के चार सदस्यों को आयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें कब्जे से 22 मोबाइल और चोरी की चार बाइक बरामद की गई है। गिरोह का सरगना फरार है, जिसके पकड़े जाने से भोपाल से बाहर हुई इस तरह की लूट का खुलासा होने की उम्मीद है।

पुलिस के अनुसार यह गैंग शाम को अंधेरा होने के बाद दो स्पोर्ट्स बाइक पर निकलती थी। शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक 6 थाना क्षेत्रों का चक्कर लगाकर रेकी करते और ऐसे लोगों को शिकार बनाते जो चलते हुए मोबाइल पर बात कर रहे होते या फिर स्क्रॉल करने में व्यस्त रहते थे। बाइकर लूट में नाकाम रहता तो दूसरे चाकू अड़ा देते थे।

एक साल पहले मोबाइल लूट की बनाई थी टीम

अयोध्या थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि गैंग के चार सदस्यों साहिल खान, फैजान पठान , समीर अंसारी तीनों निवासी निशातपुरा और तालिब खान निवासी ईंटखेड़ी को गिरफ्तार किया है। यह चारों अमन कॉलोनी ईरानी डेरा में रहकर वारदात को अंजाम देते थे। गैंग के मास्टरमाइंड सबदर अली ईरानी और उसके साथी शाहरुख की तलाश की जा रही है।

दो मोटरसाइकिल से निकलते थे बदमाश

पुलिस ने बताया कि गैंग के लोग दो स्पोर्ट्स बाइकों पर निकलते थे पहली बाइक पर बैठे आरोपी मोबाइल झपटते थे, जबकि दूसरी बाइक बैकअप के रूप में पीछे चलती थी। यदि कोई व्यक्ति मोबाइल छोडऩे का विरोध करता तो आरोपी उसके सामने छुरी निकालकर डराते और लूट की वारदात को अंजाम देते थे।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर देते थे चकमा

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के लिए उन्होंने स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल किया। पुलिस से बचने के लिए बाइक की असली नंबर प्लेट निकालकर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी जाती थी, जिससे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान नहीं होती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूटा गया माल ईरानी डेरा निवासी गैंग का सरगना सबदर अली ईरानी खरीदता था। गैंग लूटे गए 12 मोबाइल लेकर ही सबदर के पास जाते थे। वह मोबाइल खपाने का इंतजाम करता और दो-तीन दिन बाद रकम का हिसाब करता था। एक मोबाइल के बदले गैंग को तीन से चार हजार रुपए मिलते थे।

ऐसे खुला लूट का पूरा नेटवर्क

थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि गैंग का खुलासा 11 जून को नरेला जोड़ के पास मोबाइल लूट की घटना की जांच के दौरान हुआ। पूछताछ में उन्होंने अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला जमाल पुरा क्षेत्रों में मोबाइल लूट और चोरी की कुल 12 वारदातें कबूल की। पुलिस मुख्य आरोपी को पकडऩे गई तो दोनों फरार हो गए थे।