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भोपाल में बन रहे ईको फ्रेंडली ताजिए, पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश

Bhopal Eco friendly Tazia : यूथ मुस्लिम त्योहार एवं कल्याण समिति जनता कॉलोनी ईमामवाड़ा ई-6 अरेरा कॉलोनी से भी मोहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 23 Jun 2026, 11:26 AM IST

Bhopal Eco friendly Tazia

Bhopal Eco friendly Tazia (भोपाल में बन रहे ईको फ्रेंडली ताजिए Photo Source- Patrika)

Eco friendly Tazia : इन दिनों मोहर्रम माह चल रहा है। मोहर्रम की 10 तारीख 26 जून को यौम-ए-आशुरा पर इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में परंपरागत जुलूस निकाला जाएगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अलग - अलग इलाकों से जुलूस निकाले जाएंगे, जिसमें ताजिए शामिल होंगे। राजधानी में इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। नए और पुराने शहर में कई आकर्षक ताजिए तैयार कर रहे हैं। कहीं 15 तो कहीं 12 फीट के ताजिए बनाए जा रहे हैं।

इस्लामिक पहले महीने मोहर्रम में राजधानी भोपाल के इमामबाड़ों, अजाखानों में मजलिसों का दौर चल रहा है, इसमें हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जा रहा है, इसमें बड़ी संह्या में अकीदतमंद शामिल हो रहे हैं। मातम के जरिए करबला की दुखभरी दास्तां को याद किया जा रहा है। इसके साथ ही यौमे आशुरा पर निकलने वाले परंपरागत जुलूस की तैयारियां भी की जा रही हैं। नए और पुराने शहर से जुलूस निकाले जाएंगे।

अरेरा कॉलोनी से निकलेगा जुलूस

यूथ मुस्लिम त्योहार एवं कल्याण समिति जनता कॉलोनी ईमामवाड़ा ई-6 अरेरा कॉलोनी से भी मोहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा। समिति के अध्यक्ष शेख सलीम चिश्ती ने बताया कि, यह आयोजन का 51वां वर्ष है। इस बार लकड़ी, कागज सहित अन्य सामग्री से 13 फीट का ताजिया बनाया गया है। जुबैर खान ने बताया कि इस बार यह ताजिया जबलपुर से लाया गया है। जुलूस की तैयारियां की जा रही हैं।

किन्नरों का ताजिया भी होगा आकर्षण

मंगलवारा के किन्नर समुदाय द्वारा भी ताजिया तैयार किया गया है। विभिन्न सामग्री से बनाया गया यह ताजिया खास आकर्षण का केंद्र है। मंगलवारा की नायक देवी रानी ने बताया कि समुदाय द्वारा हर साल परंपरागत रूप से ताजिए तैयार किए जाते हैं। नवाबी दौर से यह परंपरा चली आ रही है। इस बार भी समुदाय की ओर से इसे तैयार किया गया है।

साल दर साल चली आ रही है परंपरा

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ईको फ्रेंडली ताजिए भी तैयार किए जा रहे हैं। इसे रंग बिरंगी कागज, लकड़ी, बांस, जरी आदि सजावटी सामान से तैयार किया जा रहा है। बरखेड़ी निवासी नावेद अंसारी ने बताया कि यहां बुर्राक का ताजिया बन रहा है, इसमें दो घोड़े भी हैं, जिसे बांस, लकड़ी, कागज से तैयार किया जा रहा है, यह 15 फीट ऊंचा है। हमारे 80 वर्षीय पिता चांद मिया के नेतृत्व में यह ताजिया तैयार किया जा रहा है। पिछले 63 साल से हम ताजिए बना रहे हैं।