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जिनकी रजिस्ट्री नहीं, उन्हें प्लॉट का पैसा देगी सरकार, एमपी में बड़ा फैसला

MP Government Housing Societies- सहकारिता विभाग के एक्शन से हजारों लोग प्रभावित, अब रजिस्ट्री नहीं होगी, पैसा वापस मिलेगा, भोपाल की 115 हाउसिंग सोसायटी का खत्म होगा 'अस्तित्व'

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MP Government to provide funds in lieu of registry for housing societies

MP housing societies (photo source- Patrika)

MP Housing Societies- भोपाल जिले की 146 गृह निर्माण समितियों का नाम अब सहकारिता की सूची से गायब होगा। इनका अस्तित्व खत्म कर इनकी बची हुई संपत्ति को सहकारिता विभाग संरक्षण में ले लेगा। समिति का नाम से लेकर कानूनी संरक्षण पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सहकारिता विभाग ने पहले चरण में 115 समितियों का परिसमापन यानी बंद करने की प्रक्रिया शुरू की है। जिनकी रजिस्ट्री हो चुकी है उन्हें असर नहीं पड़ेगा पर जिन लोगों को प्लॉट का इंतजार है, उनकी दिक्कत बढ़ेगी। उन्हें अब प्लॉट का पैसा दिया जाएगा, हालांकि इस स्थिति में सदस्यों को नुकसान ही होता है।

सहकारिता विभाग ने समितियों की सूची जाहिर कर सात दिन में आपत्ति- दावे मांगे

सहकारिता विभाग ने समितियों की सूची जाहिर कर सात दिन में आपत्ति- दावे मांगे हैं। इस दौरान मिली आपत्तियों का निराकरण करने के बाद यहां अपने किसी अफसर की बतौर परिसमापक नियुक्त कर प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा।

सहकारिता ही अपनी एक लिक्विडेटर समिति बनाएगा

आखिर में सहकारिता ही अपनी एक लिक्विडेटर समिति बनाएगा जो सोसायटी की बची संपत्ति को कब्जे में लेकर स्थानीय प्रशासन की मदद से बचे हुए सदस्यों को उनका भुगतान देने की कोशिश करेगा।

जिलाधिकारी बोले: ये ठीक वैसा ही जैसे मृत होने पर नाम हर जगह से हट जाता है:

सहकारिता के जिला उप आयुक्त आरएस विश्वकर्मा का कहना है कि समिति क्लोज हो जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे मृत होने के बाद व्यक्ति का नाम हर जगह से हट जाता है। उसके सारे अधिकार, सुविधाएं सब बंद हो जाते हैं।

जिले में 150 समितियों में प्रशासक नियुक्त हैं। यदि इतनी ही समितियों में परिसमापक नियुक्त कर दिए जाएंगे तो जिले में सहकारी गृह निर्माण समितियों की संपत्ति पूरी तरह सहकारिता के पास हो जाएगी।

जिन लोगों ने प्लॉट ले लिए और रजिस्ट्री हो चुकी उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं

समितियों में जिन लोगों ने प्लॉट ले लिए हैं और रजिस्ट्री हो चुकी है उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है। लेकिन उन सदस्यों को खासी परेशानी होगी जो प्लॉट के इंतजार में हैं। राशि दे चुके हैं पर उन्हें आवंटन नहीं हुआ है। समिति बंद होने के बाद वे समिति में प्लॉट का दावा खो देंगे। सहकारिता विभाग के जिला ऑडिटर सतीश बाथम का कहना है कि समिति बंद करना और प्रशासक नियुक्त करना दोनों अलग प्रक्रियाएं हैं। इसमें समिति सूची से ही बाहर हो जाती है।

प्रमुख बिंदु

जिले में 579 गृह निर्माण समितियां
146 को किया जाएगा खत्म
अभी 115 की प्रक्रिया