क्या अपनी ही पार्टी में घिर गए कमलनाथ, मोदी ने बधाई दी तो राहुल और प्रियंका ने किया किनारा ?

मुख्यमंत्री कमल नाथ के जन्मदिन पर कांग्रेस ने जहां विवादित विज्ञापन जारी किया है।

भोपाल. मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर से सियासी घमासान मचा हुआ है। मुख्यमंत्री कमल नाथ के जन्मदिन पर कांग्रेस ने जहां विवादित विज्ञापन जारी किया है वहीं, अब कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री कमल नाथ से दूरी बना ली है। मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ का आज 73वां जन्मदिन है। कमल नाथ के जन्मदिन पर कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता ने कमलनाथ को सोशल मीडिया पर जन्मदिन की बधाई नहीं दी है।

गांधी परिवार ने बनाई दूरी
गांधी परिवार के किसी भी सदस्य ने कमल नाथ को सोशल मीडिया में जन्मदिन की बधाई नहीं दी है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के बाद कांग्रेस के बुजुर्ग नेता एक बार फिर सक्रिय हुए हैं पर इस बार कमल नाथ को किसी भी बड़े नेता ने बधाई नहीं दी है। राहुल गांधी ने 14 नवंबर के बाद सोशल मीडिया में कोई भी ट्वीट या पोस्ट नहीं किया है। जबकि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने 16 नवंबर के बाद कोई ट्वीट नहीं किया है। प्रियंका गांधी ने भी कमल नाथ को ट्विटर पर जन्म दिन की बधाई नहीं दी है।

पीएम मोदी ने दी बधाई
मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ को पीएम मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ जी को जन्मदिन की बधाई। मैं अपने उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। पीएम मोदी के ट्वीट के बाद भाजपा के कई बड़े नेताओं ने सीएम कमल नाथ को ट्वीट कर जन्म दिन की बधाई दी है। भाजपा नेताओं में शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा, पारस जैन, फग्गन सिंह कुलस्ते। वहीं, एनडीए के बड़े नेताओं में राम विलास पासवान ने भी कमल नाथ को बधाई दी है।

कांग्रेस के इन नेताओं ने दी बधाई
वहीं, कांग्रेस नेताओं में ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, सचिन पायलट, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर जन्मदिन की बधाई दी है। वहीं, प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है।

गांधी परिवार ने क्यों बनाई दूरी
जानकारों का कहना है कि मध्यप्रदेश में इस समय प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे आगे है लेकिन कमल नाथ और दिग्विजय सिंह अपने-अपने खेमे के नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की कोशिश में हैं। जिस कारण से अभी तक प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं हो सका है। जिस कारण गांधी परिवार भी खेमों में बांटा हुआ नजर आ रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को राहुल और प्रियंका का करीबी माना जाता है जबकि दिग्विजय सिंह और कमल नाथ सोनिया गांधी के करीबी नेताओं में से एक हैं। कमल नाथ से दूरी की एक वजह यही बताई जा रही है।

(खबर लिखे जाने तक कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता ने कमल नाथ को सोशल मीडिया में बधाई नहीं दी है)

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Pawan Tiwari
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