
भोपाल के राजा गणेश
Ganesh Chaturthi: राजधानी भोपाल के पीपल में विराजमान होने वाले भोपाल के राजा शहर के प्रथम गणेश हैं। शहर में सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव मनाने की परंपरा यहीं से शुरू हुई थी। इस बार गणेश उत्सव में भोपाल के राजा को 551 किलो छप्पन भोग और 351 किलो लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा। यह भोग शुद्ध देसी घी में मथुरा और बांदा के 12 कारीगर तैयार करेंगे।
बता दें कि डोल ग्यारस चल समारोह समिति की ओर से यहां भगवान गणेश की स्थापना की जाती है। यहां भगवान गणेश के साथ-साथ रिद्धि सिद्धि, शुभ लाभ सहित उनका पूरा परिवार विराजमान होता हैं। 1947 में कुछ लोगों ने पहली बार यहां सार्वजनिक रूप से भगवान गणेश की स्थापना की। तब से हर साल विधि विधान से भगवान गणेश की स्थापना की जाती है।
यहां विराजमान होने वाले भगवान गणेश भोपाल के सबसे अमीर गणेश है। यहां गणेशजी के लिए चांदी का सिंहासन, चांदी की चौकी, खड़ाऊ, मुकुट, हाथ के कड़े सहित अन्य सामग्री है, जो चांदी से बनी हुई है। हर साल चांदी के सिंहासन पर भगवान गणेश की स्थापना की जाती है।
पीपल चौक के गणेश जी को भोपाल के राजा के नाम से जाना जाता है। भगवान श्री गणेश के पास 100 किलो चांदी के आभूषण हैं। भगवान श्री गणेश भोपाल के सबसे अमीर गणेशजी हैं।
राजधानी भोपाल में पीपल चौक से ही भगवान श्री गणेश जी के स्थापना की 1947 में हुई थी। इस मंदिर की समिति के अनुसार राजधानी भोपाल में गणेश उत्सव मनाने की परम्परा की शुरुआत यहीं से हुई।
1947 में यहां भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना की गई थी। भगवान श्रीगणेश यहां रिद्धी-सिद्धी, शुभ-लाभ के अलावा अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं।
● - 7 सितंबर गणेशजी की झांकी स्थापना
● - 11 सितंबर छप्पन भोग
● - 12 सितंबर फल महोत्सव
● - 13 सितंबर लड्डू उत्सव
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Updated on:
5 Sep 2024, 12:06 PM IST
Published on:
5 Sep 2024, 12:06 PM IST
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