
भोपाल. मध्य प्रदेश में अब गुंडें और माफिया पर नकेल कसने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर गैंगस्टर एक्ट लाने जा रही है। सरकार का मानना है कि यूपी में गुंडा नियंत्रण अधिनियम लागू होने के बाद से अपराधियों पर लगाम लगी है इस लिए एमपी में भी गैंगस्टर एक्ट लाकर संगठित अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी जिससे प्रदेश में अपराध के ग्राफ को कंट्रोल किया सके।
एमपी के गैंगस्टर एक्ट में भी उत्तर प्रदेश के गुंडा नियंत्रण अधिनियम जैसे प्रावधान किए जाएंगे। इस एक्ट के लागू होने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकार में बढोत्तरी की जाएगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट जल्द बनाने की पुष्टि की है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जहरीली शराब व खनिज माफिया पर त्वरित कार्रवाई के लिए एवं प्रदेश सरकार संगठित अपराधों को रोकने के लिए बहुत जल्द गैंगस्टर एक्ट लेकर आ रही है। समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त अपराधियों व संगठित अपराध की श्रेणी में आने वाले जहरीली शराब व खनिज माफिया जैसे अन्य अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए यह कानून बनाया जा रहा है।
इस अधिनियम के लागू होने के बाद पुलिस रिमांड और न्यायिक रिमांड में भी बढ़ोत्तरी की जा सकेगी। वही प्रदेश में मिलावटी शराब, नकली दवा और अवैध रेत खनन सहित अन्य संगठित अपराधों पर त्वरित कार्यवाही की जा सकेगी। इस अधिनियम के बाद न्यायालय को अपराधियों पर चल रहे अन्य न्यायालयों में प्राथमिकता मिलेगी। वही अब अपराधी न्यायालय से तभी राहत पा सकेगा जब यह साबित कर सके कि वह अपराध का दोषी नहीं है और आगे भी इस तरह के अपराध में संलिप्त नहीं होगा। अपराधियों को न्यायालय से जमानत भी नहीं मिल सकेगी।
Updated on:
10 Sept 2021 02:18 pm
Published on:
10 Sept 2021 02:18 pm
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