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अब महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं…क्योंकि…जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

राजधानी में महिलाएं अब खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी। दरअसल महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर...

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भोपाल। राजधानी में महिलाएं अब खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी। दरअसल महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर निर्भया एक बार फिर नए एक्शन मोड में आ गई है। जिम्मेदारों का दावा है कि अब न केवल महिला सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि महिला अपराधों में भी तेजी से नियंत्रण पाया जा सकेगा। अब राजधानी में 6 निर्भया नोडल प्वॉइंट होंगे। जहां से शहर के कोने-कोने पर निर्भया की नजर रहेगी। हर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करती निर्भया मनचलों की खबर भी लेगी।

पार्कों में नहीं बैठ सकेंगे कपल्स

अब तक निर्भया का केवल एक ही उद्देश्य था महिला अपराधों में कमी लाना। स्कूल कॉलेजों के बाहर खड़े मनचलों को नसीहत देना। लेकिन अब नए एक्शन मोड में बैठे युवा जोड़े भी निर्भया से नहीं बच सकेंगे। शहर के कम राहगीरी वाले इलाके, पार्कों और अन्य लवर प्वॉइंट्स पर निर्भया का डंडा बजता सुनाई देगा।

ये भी जानें

* दिल्ली के निर्भया कांड के बाद जागी मध्यप्रदेश पुलिस ने महिलाओं की एक टीम तैयार की थी, जिसे महिला सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया। इस टीम का नाम निर्भया रखा गया।
* राजधानी भोपाल में 16 दिसंबर 2013 को निर्भया सेवा शुरू की गई।
* इस सेवा के तहत ६ महिला पुलिस की टीम तैयार की गई।
* इस टीम में 4 महिला कॉन्सेटेबल, 1 सब इंस्पेक्टर और एक महिला ड्राइवर शामिल किए गए।
* ये टीम निर्भया वाहन से शहर के इलाकों में नियमित गश्त करेगी।
* मनचलों पर कार्रवाई करेगी।
* स्कूल कॉलेजों में आने वाली लड़कियों और युवतियों समेत शहर के अन्य इलाकों में होने वाले महिला अपराधों पर नियंत्रण रखेगी।
* ये महिला थाने में शुरू की गई हेल्प लाइन नंबर १०९० के संपर्क में रहकर आपस में सामंजस्य रखते हुए काम करेगी।
* इमरजेंसी में टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू करेगी।
* इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिलाना ही नहीं बल्कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना रहा। हालांकि तब निर्भया को महिला अपराध रोकने और उन्हें सुरक्षा का अहसास कराने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।