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कोतवाली के बाद अब अरेरा समेत पांच अन्य क्षेत्रों में मकान-जमीन में इंडोर होंगे बिजली सब स्टेशन

- बाहर से किसी मकान की तरह नजर आते है, अंतर पूरा सब स्टेशन, 100 वर्गमीटर में होंगे विकसित - ज्यादा आबादी और कम जगह वाले क्षेत्रों में अब गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआइएस) की ही प्लानिंग  

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भोपाल। बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए बिजली कंपनी का भोपाल सिटी सर्कल कोतवाली क्षेत्र के बाद शहर के अरेरा कॉलोनी समेत पांच अन्य क्षेत्रों में गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआइएस) तकनीक से बिजली के इंडोर सब स्टेशन विकसित करने की योजना बना रहा है।

महज 100 वर्गमीटर की जगह पर जमीन के अंदर व कुछ बाहर पूरी तरह इंडोर ये सब स्टेशन विकसित हो जाते हैं। डायइलेक्ट्रिक गैस के माध्यम से इलेक्ट्रिसिटी प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर इलेक्ट्रिसिटी को आगे बढ़ाते हैं।

अरेरा कॉलोनी में ये तय कर लिया गया है और संभवत: अगले दो से तीन माह में जमीनी काम भी शुरू हो सकता है। पुराने शहर के भीड़भरे व घनी आबादी क्षेत्रों में इन्हें विकसित किया जाएगा। चार अन्य जगह कौन सी होगी अभी तय होना बाकी है। कोतवाली क्षेत्रा के इंडोर सब स्टेशन का 80 फीसदी काम हो गया है। जमीन में कुछ पैनल स्थापित करना है इसके बाद ये काम करना शुरू कर देगा।

अगले माह कोतवाली का शुरू होगा जीआइएस सब स्टेशन

हाइटेंशन लाइन विंग उप महाप्रबंधक एन शिराज का कहना है कि हमने ८० फीसदी काम पूरा कर लिया है। अगले माह काम खत्म हो जाएगा। इसके अलावा अब अरेरा कॉलोनी में प्लानिंग कर रहे हैं। उसके अलावा कुछ और जगह भी है। ये कम जगह में पूरी तरह से सुरक्षित व क्षमता वाला सब स्टेशन रहता है।

आमजन को एेसे मिलेगा लाभ
३३केवी करंट को 11केवी में बदलकर बिजली आपूर्ति के लिए शहरी लाइन में छोडऩे के दौरान सब स्टेशन फेल होना, फाल्ट की स्थिति से मुक्ति मिलेगी। अब घनी आबादी वाले संकरे क्षेत्रों में 100 वर्गमीटर यानि एक हजार वर्गफीट की जगह पर सब स्टेशन विकसित हो जाएगा। पूरी तरह से पैक होने से कोई खतरा भी नहीं होगा।

अभी ये स्थिति

अभी सब स्टेशन के लिए कम से कम 10 हजार वर्गफीट की जगह चाहिए। ये पूरी तरह खुला रहता है इसलिए आबादी से थोड़ा दूर बनाया जाता है। यहां कोई प्रवेश न करें इसका ध्यान रखना पड़ता है। बारिश के दौरान इस पर बिजली गिरने की आशंका अधिक रहती है।