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महिलाओं से छेड़खानी पर प्रशासन सख्त, दो आतंकियों सहित 238 के डीएल रद्द

भोपाल कलेक्टर ने जारी किया महिलाओं से छेड़खानी करने वालों के डीएल निरस्त करने का फरमान। आरटीओ ने दिखाई सक्रियता।
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 22 Nov 2017, 3:22 PM IST

driving licence canclled

भोपाल। MP सरकार प्रदेश की राजधानी सहित अन्य जिलों में हो रहीं महिलाओं से छेड़खानी, ज्यादती के बढ़ते मामलों पर सख्त हो गई है। इसी के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फटकार के बाद भोपाल जिला प्रशासन भी एक्शन मोड पर आ गया है।

जिसके बाद कलेक्टर सुदाम खाडे ने मंगलवार को महिला अपराधों में शामिल आरोपियों के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया है।
उनके इस आदेश के बाद पुलिस और आरटीओ ने सक्रियता दिखाते हुए 238 डीएल रद्द कर दिए। इसमें खास बात यह है कि इस सूची में दो आंतकी भी शामिल है। इन आतंकियों ने फर्जी दस्तावेजों पर डीएल बनवाए थे। इसमें 18 डीएल महिला अपराधों में शामिल व्यक्तियों के हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की सूची में बरखेड़ी निवासी मोहम्मद अकरम और अहमद कलाम का सबसे पहले नाम है। इसमें उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त बताया है। वर्ष 2011 में दोनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार डीएल बनवाया था।

सूत्रों के अनुसार अकरम को यह लाइसेंस तत्कालीन आरटीओ पीएस बमरोलिया और बाबू बीबी सिंह ने जारी किया था। वहीं कलाम का लाइसेंस लाइसेंस शाखा के बीबी सिंह और एलएम पांडे ने बनवाया था।

ज्ञात हो कि सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के जिला कलेक्टरों व पुलिस महकमे के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में महिला अपराधों पर नकेल कसने की बात कही थी। इसके बाद कलेक्ट्रेट में मंगलवार शाम 4 बजे जिला सुरक्षा समिति की बैठक हुई। आनन-फानन में पुलिस ने डीएल की सूची तैयार कर आरटीओ भेज दी। शाम होते-होते आरटीओ ने कार्रवाई भी कर दी।

जानकारों का कहना है कि आरटीओ ने बिना दस्तावेज जांच के आतंकियों के डीएल कैसे बना दिए। वहीं इस पर अब सभी मौन हैं।

15 साल पुराने डीजल चलित वाहन हटेंगे :
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भोपाल जिले में 15 साल पुराने डीजल चलित वाहनों को सड़क से हटाया जाएगा। वहीं स्पीड ब्रेकर बनाए जाने, अंधेरे इलाकों में उजाला करने, स्कूल बसों के अवैध परिवहन के संबंध में चर्चा कर दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने यातायात के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजाभोज सेतु के सामने के कट प्वाइंट को बंद किया जाए। ऐसे मार्गों को चिन्हित करें, जहां अधिक वाहनों का संचालन किया जा रहा है।

ड्राइवर और कंडक्टर यूनीफार्म पहनें :
उन्होंने कहा कि शहर में बस, ऑटो एवं मैजिक में ड्राइवर एवं कंडक्टर यूनीफार्म पहनें। उनका नाम और मोबाइल नं. वाहन पर अंकित होना चाहिए। इससे आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगेगी। पुलिस का हेल्पलाइन नंबर भी वाहन में अंकित किया जाए।

लाइसेंस बनाते समय जो दस्तावेज दिए जाते हैं उनकी फौरी तौर पर जांच करना मुश्किल है। पुलिस में अपराध दर्ज होने या मामला कोर्ट में जाने के बाद जब संबंधित व्यक्ति की संपूर्ण जांच हो जाती है, तब ही हमारे विभाग को सूची दी जाती है। इस आधार पर संबंधित आरटीओ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करता है।
- डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव, आयुक्त, परिवहन विभाग

पुलिस से ही लिस्ट आई थी इस मामले में बेहतर होगा डीआईजी से सवाल किया जाए। मैने तो सिर्फ लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए है।
- सुदाम पी खाडे, कलेक्टर, भोपाल

इस सूची के हमने सिर्फ आंकड़े देखे थे, हर व्यक्ति की डिटेल नहीं देखी। आतंकवादियों के नाम कैसे आ गए यह जांच का विषय है। मैं इसे दिखवाता हूं।
- संतोष कुमार सिंह, डीआईजी, भोपाल