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सरकार की चेतावनी : मेडिकल कॉलेज की सीट छोड़ने पर जूनियर डॉक्टरों को देने होंगे बांड के 10 से 30 लाख रुपए

जूडा और सरकार में आर-पार।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 5 Jun 2021, 12:03 PM IST

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सरकार की चेतावनी : मेडिकल कॉलेज की सीट छोड़ने पर जूनियर डॉक्टरों को देने होंगे बांड के 10 से 30 लाख रुपए

भोपाल/ कोरोना की तीसरी लहर के अनकरीब मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर और सरकार के बीच आर पार की लड़ाई शुरू हो गई है। यही कारण है कि, सरकार की तमाम सख्तियों और हाई कोर्ट द्वारा काम पर लौटने के लिये दिये गए 24 घंटे का समय पूरा होने के बावजूद भी जूनियर डॉक्टर टस से मस नहीं हो रहे हैं। नतीजतन सरकार भी अब जूडा के खिलाफ एक्शन के मोड में आ गई है। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े ने जूडा को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि, मेडिकल कॉलेज की सीट छोड़ने वाले जूडा को बांड के अनुसार, 10 से 30 लाख रुपए भरने होंगे। सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज के डीन को इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं।

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क्या कहता है नियम?

आपको बता दें कि, एक दिन पूर्व ही जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 468 जूनियर डॉक्टरों को बर्खास्त किये जाने के बाद अब सरकार की ओर से इसे जूडा के खिलाफ बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े ने बताया, यूजी और पीजी में नीट से सिलेक्टेड स्टूडेंट्स को मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में मैरिट के आधार पर एडमिशन के लिए सरकार द्वारा 'मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम-2018 एवं संशोधन 19 जून, 2019' के अनुसार पाठ्यक्रम संचालित किए हैं। उपरोक्त नियम की कण्डिका-15 (1) (ख) के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा के बाद अभ्यर्थी द्वारा सीट छोड़ने पर उस पर बांड की शर्तें लागू होती हैं।

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हटने वाले जूडा को पूरा शैक्षणिक शुल्क जमा करना होगा

शिक्षा आयुक्त वरवड़े के मुताबिक, इसके अनुसार 10 लाख रुपये (प्रवेश वर्ष 2018 व 2019) और 30 लाख रुपये (प्रवेश वर्ष 2020) स्वशासी संस्था को देना होगा। प्राइवेट मेडिकल एवं प्राइवेट डेंटल कॉलेज की सीट छोड़ने पर संबंधित कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम में पूरा शैक्षणिक शुल्क जमा करना होगा। वरवड़े ने ये भी बताया कि, उपरोक्त नियम वर्ष 2018 से प्रवेशित सभी विद्यार्थियों पर प्रभावशील है। आयुक्त के अनुसार, इस संबंध में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज डीन को निर्देश जारी कर दिये गए हैं। इस संबंध में संभागायुक्त अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।

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