
भोपाल। मध्यप्रदेश के पंचायत विभाग में भी ऐसे कर्मचारी जिन्हें 7वां वेतनमान नहीं मिला है, उन्हें भी 7वां वेतनमान दिया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा है कि ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को सातवां वेतनमान देने के लिए तीन मार्च को बैठक बुलाई गई है।
विधानसभा का मंगलवार को दूसरा दिन था। इसी दिन सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है और 1 मार्च को बजट पेश होने वाला है। इस बीच मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने यह बात कही। विधायक झूमा सिंह सोलंकी ने पंचायत मंत्री से पूछा था कि 1995 से काम कर रहे पंचायत सचिवों को अब तक सरकार नियमित नहीं कर सकी है और न ही ग्राम रोजगार सहायक और ग्राम सचिवों को 7वां वेतनमान दिया गया है। सोलंकी ने सरकार से पिछले 18 सालों में इस पर कोई फैसला नहीं लेने की वजह पूछी थी।
इस पर मंत्री सिसोदिया ने कहा कि 3 मार्च को 7वां वेतनमान को लेकर बैठक है और इन्हें नियमित करने को लेकर समिति गठित की जाएगी और जो तीन माह में फैसला करेगी। सिसोदिया ने यह भी कहा कि इनकी अनुकम्पा नियुक्ति की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों के नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
यह भी पढ़ेंः
विधानसभा में पेश हुआ आर्थिक सर्वेक्षण
शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश के बजट से एक दिन पहले मंगलवार को मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 पेश किया। इस सर्वेक्षण (economic survey) के मुताबिक मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय एक लाख 40 हजार 583 रुपए हो गई है। जो 15.16 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है। वहीं प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में भी वृद्धि 16.48 फीसदी की रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने आर्थिक सर्वेक्षण पर कहा है कि आज मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण आया है। सर्वेक्षण के तथ्य सिद्ध करते हैं कि मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत है। एक तरफ हमने वित्तीय अनुशासन और सुशासन के साथ सर्वसमावेशी विकास किया है,वहीं दूसरी तरफ राज्य के बजट का आकार तथा कर संग्रहण भी लगातार बढ़ा है।
Updated on:
28 Feb 2023 05:58 pm
Published on:
28 Feb 2023 05:50 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
