
GST
भोपाल। GST से नाराज व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए गुवाहाटी से बड़ी खुशखबरी आई है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में 177 सामानों पर GST दर घटाने का फैसला कर लिया गया है।
मध्यप्रदेश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों और व्यापारियों को जीएसटी में बड़ी राहत की खबर है। गुवाहाटी में हुई बैठक में सरकार ने व्यापारियों और आम नागरिकों के हित में कई निर्णय लिए हैं। दो दिवसीय इस बैठक पर मध्यप्रदेश के करोड़ों व्यापारियों की निगाहें लगी थीं।
यह हुए बड़े फैसले
-228 सामानों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला
-177 सामानों जिन पर 28 फीसदी टैक्स लगता था उन पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा
-50 बाकी सामानों पर 28 फीसदी टैक्स लगेगा।
ये सामान हो गए सस्ते
-रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं जैसे प्लास्टिक, लकड़ी के सामान सस्ते हो जाएंगे। डियोडरेंट, टूथ ब्रश, शेविंग क्रीम, कास्मेटिक आइटम और शैम्पू सस्ते।
ये सामान भी हो सकता है सस्ता
-घर बनाने का सामान
-एसी रेस्टोरेंट में खाना
-सैनेटरी के सामान
-वालपेपर, स्टेशनरी
-घड़ियां
-खेल का सामान
शाम को औपचारिक घोषणा संभव
गुरुवार को गुवाहाटी में शुरू हुई बैठक के अंतिम दिन शुक्रवार को जो फैसले लिए गए उससे जीएसटी से व्यापारियों को होने वाली दिक्कतें कम हो जाएंगी। शाम को इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
मध्यप्रदेश में हुए कई बार प्रदर्शन
जीएसटी को लेकर मध्यप्रदेश के व्यापारियों ने कई बार प्रदर्शन किए। वे केंद्र सरकार द्वारा लाए गए जीएसटी कानून से पहले ही नाराज थे। उसके बाद कई पेचीदगियों के कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा था।
यह भी खास
-GST काउंसिल की अहम बैठक गुवाहाटी में संपन्न हुई।
-सरकार का फोकस तीन विषयों पर रहा।
-पहला अहम वस्तुओं पर टैक्स की 28 फीसदी दरों को कम करना।
-दूसरा कारोबारियों को जीएसटीएन में आ रही खामियों को दुरुस्त करना।
-तीसरा डिजिटल पेमेंट लेने-देने को और सरल बनाना।
-28 फीसद के टैक्स स्लैब में केवल 62 वस्तुएं ही रह सकती हैं।
-100 से अधिक वस्तुओं पर टैक्स की दर कम की जा चुकी है।
इन पर है 28 फीसदी टैक्स
गौरतलब है कि अभी वॉशिंग मशीन, फ्रिज, घड़ियां, ऑटोमोबाइल, तंबाकू उत्पाद, सीलिंग फैन, न्यूट्रीशनल ड्रिंक, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स, सीमेंट, प्लास्टिक फर्नीचर और प्लायवुड 28 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आते हैं।
GSTN की कमियां दूर होंगी
-जीएसटीएन के विषय पर भी आज की बैठक में चर्चा हो सकती है।
-जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश राव के मुताबिक इसकी खामियों को दूर कर हम इसे और भी मजबूत बनाएंगे।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम होगा सरल
-डिजिटल ट्रांजेक्शन को और बढ़ावा देने के लिए भी विचार हो सकता है।
-काउंसिल विक्रेता और ग्राहकों के बीच इसे प्रोत्साहित करने के लिए बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
-स्टेट GST के अंतर्गत क्रेडिट और छूट में बड़ी राहत दी जा सकती है।
-विक्रेता को डिजिटल पेमेंट की सहायता से कुछ क्रेडिट मिलेगा, जिसे जीसएटी की लायबिलिटी के हिसाब से एडजस्ट किया जा सकेगा।
-ग्राहक डिजिटल पेमेंट करेंगे तो उन्हें टैक्स के रूप में कम भुगतान करना पड़ेगा।
Updated on:
10 Nov 2017, 5:23 PM IST
Published on:
10 Nov 2017, 3:26 PM IST
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