
गुप्त नवरात्र 2018: 13 जुलाई से शुरू हो रहे हैं गुप्त नवरात्र, ऐसे करें पूजा मिलेगा विशेष फल!
भोपाल। सनातन धर्म में नवरात्र का खास महत्व है। सामान्यत: लोगों को दो ही नवरात्रि के बारे में जानकारी होती है, पर क्या आप जानते हैं कि असल में साल में 4 नवरात्र होते हैं। इनमें दो नवरात्र के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन इसके अलावा दो गुप्त नवरात्र gupt navratri 2018 भी होते हैं। पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इन गुप्त नवरात्र को मुख्य रूप से देवीय शक्ति प्राप्ति के लिए माना जाता है। इनमें से ही एक आषाढ़ नवरात्र भी गुप्त नवरात्रों में से एक हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई लोग इन गुप्त नवरात्रों पर मां दुर्गा की विशेष पूजा करते हुए। नौ दिनों तक नौ देवियों का पूजन करते हैं।
कब होते हैं गुप्त नवरात्र
चैत्र और आश्विन मास के नवरात्र के बारे में तो सभी जानते ही हैं जिन्हें वासंती और शारदीय नवरात्र भी कहा जाता है, लेकिन गुप्त नवरात्र gupt navratri 2018 आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाये जाते हैं। गुप्त नवरात्र की जानकारी अधिकतर उन लोगों को होती है जो तंत्र साधना करते हैं।
गुप्त नवरात्र पौराणिक कथा gupt navratri katha...
गुप्त नवरात्र के महत्व को बताने वाली एक कथा भी पौराणिक ग्रंथों में मिलती है कथा gupt navratri katha के अनुसार एक समय की बात है कि ऋषि श्रंगी एक बार अपने भक्तों को प्रवचन दे रहे थे कि भीड़ में से एक स्त्री हाथ जोड़कर ऋषि से बोली कि गुरुवर मेरे पति दुर्व्यसनों से घिरे हैं जिसके कारण मैं किसी भी प्रकार के धार्मिक कार्य व्रत उपवास अनुष्ठान आदि नहीं कर पाती।
मैं मां दुर्गा की शरण लेना चाहती हूं लेकिन मेरे पति के पापाचारों से मां की कृपा नहीं हो पा रही मेरा मार्गदर्शन करें। तब ऋषि बोले वासंतिक और शारदीय नवरात्र में तो हर कोई पूजा करता है सभी इससे परिचित हैं। लेकिन इनके अलावा वर्ष में दो बार गुप्त नवरात्र gupt navratri katha भी आते हैं इनमें 9 देवियों की बजाय 10 महाविद्याओं की उपासना की जाती है।
यदि तुम विधिवत ऐसा कर सको तो मां दुर्गा की कृपा से तुम्हारा जीवन खुशियों से परिपूर्ण होगा। ऋषि के प्रवचनों को सुनकर स्त्री ने गुप्त नवरात्र में ऋषि के बताये अनुसार मां दुर्गा की कठोर साधना की स्त्री की श्रद्धा व भक्ति से मां प्रसन्न हुई और कुमार्ग पर चलने वाला उसका पति सुमार्ग की ओर अग्रसर हुआ उसका घर खुशियों से संपन्न हुआ।
आषाढ़ महीने यानी जून और जुलाई माह में पड़ने के कारण इन नवरात्रों को आषाढ़ नवरात्र कहा जाता है, हालांकि देश के अधिकतर भाग में गुप्त नवरात्रों gupt navratri के बारे में कम ही लोग जानते हैं। उत्तरी भारत जैसे हिमाचल प्रदेश, पंजाब , हरियाणा, उत्तराखंड के आस पास के प्रदेशों में गुप्त नवरात्रों में मां भगवती की खास पूजा की जाती है। इन दिनों मां भगवती के सभी 9 रूपों की पूजा नवरात्रों के अलग-अलग दिन की जाती है।
इस बार भी आषाढ़ महीने के गुप्त नवरात्र 13 जुलाई (शुक्रवार) 2018 से शुरू हो रहे हैं, जिनका समापन 21 जुलाई (शनिवार) 2018 को होगा।
गुप्त नवरात्र की पूजा विधि gupt navratri puja vidhi...
पंडित सुनील शर्मा के मुताबिक मान्यतानुसार गुप्त नवरात्र के दौरान भी पूजा अन्य नवरात्र की तरह ही करनी चाहिए। नौ दिनों तक व्रत का संकल्प लेते हुए प्रतिपदा को घटस्थापना कर प्रतिदिन सुबह शाम मां दुर्गा की पूजा gupt navratri puja vidhi की जाती है। अष्टमी या नवमी के दिन कन्याओं के पूजन के साथ व्रत का उद्यापन किया जाता है।
वहीं तंत्र साधना वाले साधक इन दिनों में माता के नवरूपों की बजाय दस महाविद्याओं gupt navratri date significance puja vidhi की साधना करते हैं। ये दस महाविद्याएं मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी हैं। लेकिन एस्ट्रोयोगी की सभी साधकों से अपील है कि तंत्र साधना किसी प्रशिक्षित व सधे हुए साधक के मार्गदर्शन अथवा अपने गुरु के निर्देशन में ही करें। यदि साधना सही विधि से न की जाये तो इसके प्रतिकूल प्रभाव भी साधक पर पड़ सकते हैं।
9 दिन और 9 देवियां...
- 13 जुलाई (शुक्रवार) ,2018 : घट स्थापन एवं मां शैलपुत्री पूजा।
- 14 जुलाई (शनिवार) 2018 : मां ब्रह्मचारिणी पूजा।
- 15 जुलाई (रविवार) 2018 : मां चंद्रघंटा पूजा।
- 16 जुलाई (सोमवार) 2018: मां कुष्मांडा पूजा।
- 17 जुलाई (मंगलवार) 2018 : मां स्कंदमाता पूजा।
- 18 जुलाई (बुधवार) 2018 : मां कात्यायनी पूजा।
- 19 जुलाई (बृहस्पतिवार) 2018: मां कालरात्रि पूजा।
- 20 जुलाई (शुक्रवार) 2018 : मां महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी।
- 21 जुलाई (शनिवार ) 2018: मां सिद्धिदात्री, नवरात्रि पारण।
पंडित शर्मा के अनुसार नवरात्रों में मां भगवती की आराधना दुर्गा सप्तशती DurgaSapthsati से की जाती है, परन्तु यदि समयाभाव है तो भगवान् शिव रचित सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ अत्यंत ही प्रभाव शाली एवं दुर्गा सप्तसती का सम्पूर्ण फल प्रदान करने वाला है।
सप्तश्लोकी दुर्गा (सप्तशती)
नवरात्रों में मां भगवती की आराधना दुर्गा सप्तशती DurgaSapthsati से की जाती है , परन्तु यदि समयाभाव है तो भगवान् शिव रचित सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ अत्यंत ही प्रभाव शाली एवं दुर्गा सप्तसती का सम्पूर्ण फल प्रदान करने वाला है , यह श्लोक इस प्रकार है –
विनियोग...
ॐ अस्य श्री दुर्गा सप्तश्लोकी स्तोत्र मंत्रस्य, नारायण ऋषि: अनुष्टुप् छ्न्द:
श्री महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वत्यो देवता: श्री दुर्गा प्रीत्यर्थे सप्तश्लोकी दुर्गा पाठे विनियोग: ।
श्लोक
ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा
बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ।।१।।
दुर्गे स्मृता हरसिभीतिमशेष जन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मति मतीव शुभां ददासि
दारिद्र्य दु:ख भय हारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकार करणाय सदार्द्र चित्ता ।।२।।
सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते ।।३।।
शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे
सर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽस्तुते ।।४।।
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्व शक्ति समन्विते
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तुते ।।५।।
रोगान शेषा नपहंसि तुष्टा
रुष्टा तु कामान् सकलान भीष्टान् ।
त्वामाश्रितानां न विपन् नराणां
त्वामाश्रिता ह्या श्रयतां प्रयान्ति ।।६।।
सर्वा बाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि
एकमेव त्वया कार्यमस्मद् वैरि विनाशनं ।।७।।
इति सप्तश्लोकी दुर्गास्तोत्र सम्पूर्णा ।।
वर्ष 2018 में कब हैं गुप्त नवरात्र gupt navratri 2018...
वर्ष 2018 में आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्र के रूप में मनाये जायेगें। अंग्रेजी कलैंडर के अनुसार यह नवरात्र 13 से 21 जुलाई 2018 तक रहेंगें। नवरात्र पारण 21 जुलाई को नवमी-दशमी के दिन होगा।
माघ मास में पड़ने वाले गुप्त नवरात्र 5 फरवरी 2019 से शुरु होंगे व 14 फरवरी तक रहेंगें। नवरात्रि व्रत का पारण 14 फरवरी 2019 को होगा।
Published on:
04 Jul 2018 01:43 pm
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