
Gwalior city
भोपाल।आने वाले दस वर्षों में ग्वालियर-चंबल संभाग उद्योग का एक बड़ा केन्द्र बिंदु होगा। यहां से सभी राज्यों की सीधे तौर पर कनेक्टिविटी होगी। दिल्ली-मुंबई पोर्ट तक माल पहुंचाने में महज चार से पांच घंटे का समय लगेगा। आगरा-मुंबई रोड, नार्थ-साउथ, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर इसी क्षेत्र से होकर गुजरेगा। सड़क मार्ग से 12 घंटे के अंदर किसी भी राज्य तक सीधे तौर पर माल परिवहन किया जा सकेगा। इसके चलते सरकार इस क्षेत्र में उद्योग के लिए कई क्षेत्रों में अलग-अलग इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्लान कर रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर सरकारी जमीन वर्षों से खाली पड़ी हैं।
एक हजार किमी के अंदर चार पोर्ट
प्रदेश से एक हजार किमी की दूरी पर चार पोर्ट हैं। इसमें खंडाला और जेएनपीटी 650 किलोमीटर की दूरी पर हैं। विशाखापट्टनम और प्रदीप पोर्ट 1200 किलोमीटर तक हैं। ऐसे में हाईवे का नया जाल बेहद कारगर होगा।
इस तरह से होगा जुड़ाव
इस क्षेत्र से गुजर रहे अटल प्रोग्रेस वे और नर्मदा एक्सप्रेस वे का काम चल रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे ग्रीन कॉरिडोर का काम एक वर्ष में पूरा हो जाएगा। आगरा-मुंबई और नार्थ साउथ कॉरिडोर प्रदेश का बड़ा इंडस्ट्रियल और इकोनॉमिक कॉरिडोर होगा। ये सडकें अंतर्राज्यीय होंगी। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, बैतूल और नर्मदापुरम होते हुए भोपाल, विदिशा, सागर और ग्वालियर संभाग से निकल जाएगा, जबकि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर निवाड़ी से प्रवेश करेगा और शिवपुरी से दूसरे राज्यों में निकल जाएगा।
ये भी जानिए
-87 प्रदेश में कुल औद्योगिक पार्क
-15163 प्रदेश में कुल प्लॉट
-13211 प्रदेश में कुल औद्योगिक प्लॉट
-1327 प्लॉट के लिए वर्तमान में कुल आवेदन
एक हजार किमी के अंदर चार पोर्ट
प्रदेश से एक हजार किमी की दूरी पर चार पोर्ट हैं। इसमें खंडाला और जेएनपीटी 650 किलोमीटर की दूरी पर हैं। विशाखापट्टनम और प्रदीप पोर्ट 1200 किलोमीटर तक हैं। ऐसे में हाईवे का नया जाल बेहद कारगर होगा।
Published on:
23 Nov 2022 05:28 pm
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