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इस शहर में है दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड, भीड़ से दूर यहां मनाएं क्रिसमस और न्यू ईयर का जश्न

न्यू ईयर पर गोवा जाना चाहते हैं, लेकिन आपकी जेब नहीं दे रही इजाजत या फिर समय की कमी आपको जाने नहीं दे रही, तो अब अपना मूड खराब न करें। आप गोवा के बीचेस, शानदार कॉटेज और एडवेंचर एक्टीविटीज का मजा मध्यप्रदेश (MP) में भी ले सकते हैं। यहां आपके विशाल समुद्र सी लहरें आपके स्वागत को तैयार हैं। जल महोत्सव चल रहा है, रोमांच से भरी एक्टिविटीज का तड़का आपकी न्यू ईयर सेलिब्रेशन की शाम को एक खास याद में बदल देगा...तो क्यों न इस बार एमपी के इस गोवा में नए साल का स्वागत किया जाए...

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न्यू ईयर पर गोवा जाना चाहते हैं, लेकिन आपकी जेब नहीं दे रही इजाजत या फिर समय की कमी आपको जाने नहीं दे रही, तो अब अपना मूड खराब न करें। आप गोवा के बीचेस, शानदार कॉटेज और एडवेंचर एक्टीविटीज का मजा मध्यप्रदेश (MP) में भी ले सकते हैं। यहां आपके विशाल समुद्र सी लहरें आपके स्वागत को तैयार हैं। तरह-तरह के पंछियों की आवाज आपको खुश कर देंगी। जल महोत्सव चल रहा है, रोमांच से भरी एक्टिविटीज का तड़का आपकी न्यू ईयर सेलिब्रेशन की शाम को एक खास याद में बदल देगा...तो क्यों न इस बार एमपी के इस गोवा में नए साल का स्वागत किया जाए..

ऐसा है हनुवंतिया आइलेंड...।
MADHYA PRADESH के हनुवंतिया टापू ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। कोई इसकी तुलना switzerland से करता है तो कोई आस्ट्रेलिया के आईलैंड से। 20 करोड़ से अधिक की लागत से बने एमपी टूरिज्म के कॉटेज से मीलों दूर से आ रही लहरों को देखने के लिए देश और दुनिया से लोग आते हैं। खंडवा जिले के हनुवंतिया टापू पर स्थित है। यह चारों तरफ से समुंदर की तरह फैले नर्मदा के बैक वॉटर से घिरा हुआ है। दुनियाभर में यह स्थान सबसे बड़े मानव निर्मित टापू के रूप में जाना पहचाना जाता है।

इंदिरा सागर बांध का बैकवाटर से बनी है विशाल झील

इंदिरा सागर बांध का बैकवाटर एक विशाल झील बनाता है, जिसमें पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। हनुमंतिया को इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए इस बांध के बैकवाटर के दोहन के लिए विकसित किया गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस स्थल को विकसित करने और पर्यटकों के लिए आवास उपलब्ध कराने की पहल की। यह आवास, रेस्तरां और नौकायन, बैकवाटर पर क्रूज सवारी की सुविधा प्रदान करता है। आवास के लिए केवल एक होटल उपलब्ध है जिसका नाम "हनुवंतिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स" है जो एमपीएसटीडीसी का है। बांध के आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक पर्यटन के लिए भी अच्छा है, जिसमें पक्षी देखना भी शामिल है। इंदौर टूरिस्ट सर्किट की यात्रा में इस जल पर्यटन स्थल को भी शामिल किया जा सकता है। यह महेश्वर से केवल 140 किमी और ओंकारेश्वर से 95 किमी दूर है।

ठहरने के लिए हैं कॉटेज
यहां ठहरने के लिए कॉटेज हैं। प्रत्येक कॉटेज में दो हिस्से हैं और दोनों में ठहरने के लिए कॉटेज हैं। कॉटेज का फ्रंट नर्मदा की तरफ है, जहां बैठकर आप समुद्र के समान हिलोर मारते नर्मदा के पानी को निहार सकते हैं। एक कॉटेज का किराया टैक्स के साथ 4000 रुपए है। एक कॉटेज में दो लोग ही रुक सकते हैं। तीसरे व्यक्ति के लिए 350 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। कॉटेज किराए में सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन भी शामिल किया गया है।

इस बार फ्लाइंग इन्फ्लेटेबल बोट एक्टिविटी करेगी अट्रेक्ट

प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव एवं मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 'जल महोत्सव देशभर के एडवेंचर लवर्स के लिए आदर्श गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। पर्यटन बोर्ड नित नए नवाचारों के माध्यम से पर्यटकों के उत्साह और आनंद को बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहता है। इसी श्रृंखला में इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर पर स्थित हनुवंतिया टापू पर फ्लाइंग इन्फ्लेटेबल बोट एक्टिविटी आयोजित की जा रही है। देश में पहली बार पर्यटक इस तरह की गतिविधि का आनंद लेंगे। शुक्ला ने बताया कि स्कूबा डाइविंग, बोरियामल द्वीप पर नाइट सफारी, लग्जरी रीगल सीरीज बोट, 40 फीट हाई रोप स्विन्ग, जिप सायकल, पैरामोटरिंग, पैरासेलिंग, स्पीड बोट, जेट स्काई, हॉट एयर बलूनिंग, मोटर बोट राइडिंग इत्यादि एडवेंचर गतिविधियां 'प्रमुख आकर्षण होंगी।

आदर्श पर्यटन स्थल विकसित करने

शुक्ला का कहना है कि टूरिज्म बोर्ड द्वारा सनसेट डेजर्ट कैम्प के साथ मिलकर इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर पर स्थित हनुवंतिया टापू में स्थित टेस्ट सिटी का संचालन पर्यटकों के लिए किया जा रहा है। इस टेन्ट सिटी में 104 लग्जरी स्विस टेन्ट्स के साथ साथ कॉर्पोरेट सम्मेलनों के लिए एसी सम्मेलन हॉल की सुविधा मिलेगी। केरल के प्रसिद्ध करैली समूह के द्वारा वेलनेस स्पा, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय एंगलर्स की तीन दिवसीय एंगलिंग स्पोर्ट इवेंट, संगीत समारोह, पतंग उत्सव जैसी कई गतिविधियां पर्यटकों के मनोरंजन के लिए आयोजित की जाएंगी। इंदिरा सागर बांध के तट पर स्थित हनुवंतिया टापू को एक आदर्श पर्यटन स्थल विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जल महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

ये हैं जल महोत्सव की उपलब्धियां
- जनवरी 2022 में स्पेन में इंडियाज यूनिक वाटर एंड एडवेंचर कार्निवल से सम्मानित
- 2017 में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सबसे अनोखे नवीन पर्यटन उत्पाद वर्ष 2015-16 हेतु सम्मानित किया जा चुका है
- जल महोत्सव 2021 के 60 दिनों के दौरान 2 लाख 40 हजार से ज्यादा लोग यहां पहुंचे

यहां की जलवायु और तापमान

वैसे तो हनुवंतिया में मौसम हमेशा सुहाना बना रहता है। लेकिन खासतौर पर सर्दियों की शुरुआत यानी नवंबर से मार्च तक का समय सबसे बेस्ट माना जाता है। इस दौरान यहां का औसत तापमान सुबह के समय 5 डिग्री सेल्शियस और दिन के समय 18 डिग्री सेल्शियस रहता है।

- गर्मी का मौसम अप्रैल से जून तक रहता है। उस समय यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्शियस तक पहुंच जाता है, जबकि सूर्यास्त के बाद तापमान 24 डिग्री सेल्शियस से नीचे रहता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय

हनुवंतिया टापू पर आप कभी भी घूमने आ सकते हैं। लेकिन अगर आपको नाव की सवारी करनी है, स्काई डाइविंग से लेकर अन्य कई रोमांच से भरपूर खेलों का आनंद लेना है तो जल महोत्सव का समय अक्टूबर से नवंबर बेस्ट है। वहीं घूमने के लिहाज से आप यहां अक्टूबर से अप्रैल तक यहां आ सकते हैं। मानसून में यहां जाने से बचना चाहिए।

कैसे पहुंचें यहां

हवाईजहाज से हनुवंतिया टापू पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा इंदौर हवाई अड्डा है। यह द्वीप से लगभग 150 किलोमीटर दूर है।

इन शहरों से दूरी

- खंडवा- 50 किमी

- इंदौर -155 किमी

- ओंकारेश्वर 95 किमी

- महेश्वर 140 किमी

- सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान 300 किमी

- उज्जैन 210 किमी

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ट्रेन से

ट्रेन से निकटतम रेलवे स्टेशन खंडवा स्टेशन है, लेकिन अच्छी कनेक्टिविटी और बेस्ट टैक्सी ऑप्शन्स के कारण इंदौर रेलवे स्टेशन सबसे बेस्ट है। खंडवा रेलवे स्टेशन से हनुमंतिया द्वीप की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है। वहीं इंदौर रेलवे स्टेशन 150 किलोमीटर है।

बाय रोड

इस आइलेंड पर जाने के लिए इंदौर शहर ही बेस्ट ऑप्शन है। यहां से आपको हर तरह की टैक्सी सेवा आसानी से मिल जाएगी।

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