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बैंकों में जमा पूंजी की तुरंत लें सुध, एचडीएफसी में मैनेजर ने ही कर डाली एक करोड़ की हेराफेरी

HDFC Bank Chhatarpur embezzlement accused manager arrested in Jabalpur बैंक के जिम्मेदार अधिकारी ही फ्राड करने लगे हैं। ऐसे ही एक मामले में छतरपुर Chhatarpur के एचडीएफसी बैंक के ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। एचडीएफसी के इस मैनेजर ने एक करोड़ की हेराफेरी कर डाली थी।

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HDFC Bank Chhatarpur embezzlement accused manager arrested in Jabalpur

HDFC Bank Chhatarpur embezzlement accused manager arrested in Jabalpur

HDFC Bank Chhatarpur embezzlement accused manager arrested in Jabalpur बैंकों में पैसे रखना बेहद सुरक्षित माना जाता है। बैंक में जमा पूंजी के बारे में हम ज्यादा जानकारी नहीं लेते लेकिन अब इस मामले में सतर्कता बरतनी जरूरी हो गई है। दरअसल बैंक के जिम्मेदार अधिकारी ही फ्राड करने लगे हैं। ऐसे ही एक मामले में छतरपुर Chhatarpur के एचडीएफसी बैंक के ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। एचडीएफसी के इस मैनेजर ने एक करोड़ की हेराफेरी कर डाली थी।

छतरपुर Chhatarpur में बैंक में करीब तीन साल पहले गबन हुआ था। बैंक ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरीश तिवारी और संजीव शर्मा पर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कराया था। एक करोड़ के गबन के इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरीश तिवारी को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरा आरोपी संजीव शर्मा अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है।

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छतरपुर के एचडीएफसी बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर को जबलपुर से गिरफ्तार करने की कार्रवाई नौगांव थाना पुलिस ने की। पुलिस ने इस मामले में बैंक प्रबंधक सौरभ खरे की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने भी जांच में इस बात की तस्दीक की। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि शाखा प्रबंधक गिरीश तिवारी और संजीव शर्मा ने ही गबन किया था।

मामले में नौगांव थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि पुलिस ने तीन साल पहले एचडीएफसी बैंक में हुए गबन के मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरीश तिवारी को जबलपुर से गिरफ्तार किया है। एचडीएफसी बैंक में एक करोड़ 11 लाख 50 हजार 9 सौ रुपए के गबन की बात सामने आई थी।

तब बैंक ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरीश तिवारी और संजीव शर्मा के द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की बात कही थी। पुलिस ने बैंक के प्रबंधक सौरभ खरे की शिकायत पर तब अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 420 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था।

मामले की जब जांच की तो पता चला कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरीश तिवारी और संजीव शर्मा ने ही गबन किया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों को आरोपी बनाया। पुलिस ने गिरीश तिवारी को जबलपुर से गिरफ्तार किया जबकि दूसरा आरोपी संजीव शर्मा अभी पुलिस पकड से दूर है।