
Health Benefits of daal
भोपाल। इस बात का हर कोई जानता है कि दाल हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। कई घरों में दाल नियमानुसार रोज खाई भी जाती है लेकिन क्या आपको पता है कि अलग अलग दालों में ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो अलग अलग तरीके से आपके शरीर को शक्तिशाली बनाते है। दालें और उनके फायदों के बारे में जानने के लिए हमने बात की भोपाल की न्यूट्रिनिश्ट गीता पांडेय से, जिन्होंने बताया कि स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पाचन की दृष्टि से भी अलग अलग दालें बहुत लाभदायक होती हैं। दालों में प्रोटीन के अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट, कई प्रकार के विटामिन्स, फॉस्फोरस और खनिज तत्व पाए जाते हैं, ये शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ रखते हैं।
मसूर दाल
मसूर दाल का रंग लाल होता है। हल्की होने के कारण यह जल्दी पक जाती है। इस दाल को ढककर पकाने से इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा बराबर बनी रहती है। मसूर में प्रोटीन, कैल्शियम, सल्फर, कार्बोहाइड्रेट, एल्युमीनियम, जिंक, कॉपर, आयोडीन, मैग्नीशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन और विटामिन डी जैसे तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद अमिनो एसिड जैसे आईसोल्यूसीन और लाईसीन से बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन मिलता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक होता है।
मूंग दाल
मूंग की दाल दो प्रकार की होती है हरी और पीली। धुली और छिली हुई मूंग दालें पीले रंग की होती हैं। इन दालों में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा पाई जाती है। डॉक्टर्स बताते हैं कि पीली मूंग दाल मे 50 प्रतिशत प्रोटीन, 20 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 48 प्रतिशत फाइबर, 1 प्रतिशत सोडियम और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ना के बराबर होती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि पीली मूंग दाल में प्रोटीन, आयरन और फाइबर बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। वहीं इसमें पोटैशियम, कैल्शियम और विटामिन बी कॉम्पलेक्स होता है और सबसे बड़ी बात फैट बिल्कुल नहीं होता। मूंग दाल कैंसर के जीवाणुओं के बनने की प्रक्रिया को खत्म करती है।चावल और मूंग की खिचड़ी खाने से कब्ज दूर होती है | खिचड़ी में घी डालकर खाने से कब्ज दूर होकर दस्त साफ आता है।
अरहर की दाल
हालांकि यह दाल अपने भाव को लेकर अक्सर ही चर्चा में आ जाती है, लेकिन यह बात भी सही है कि सभी दालों में अरहर का प्रमुख स्थान है। पौष्टिक गुणों को समेटे हुए अरहर की हरी-हरी फलियों के दाने निकालकर उन्हें तवे पर भूनकर भी खाना काफी लाभकारी होता है। वैसे तो यह दाल जल्दी पच जाती है, लेकिन इसका सेवन गैस, कब्ज और सांस के रोगियों को कम करना चाहिए। 100 ग्राम अरहर दाल में 22 ग्राम प्रोटीन, 343 कैलोरी, 17 मिलीग्राम सोडियम, 1392 मिलीग्राम पोटैशियम, 63 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 15 ग्राम फाइबर और विटामिन ए, बी12, डी और कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। इस दाल के सेवन के कई फायदे हैं। दांत दर्द की शिकायत होने पर अरहर के पत्तों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से फायदा मिलता है।
चना दाल
काले चनों को दो टुकड़ों में तोड़कर उन्हें पॉलिश करके चना दाल तैयार किया जाता है। यह भारतीय खाने का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। लजीज और पौष्टिक होने के साथ ही पचने में भी आसान होते हैं। 100 ग्राम चना दाल में 33000 कैलोरी, 10-11 ग्राम फाइबर, 20 ग्राम प्रोटीन और सिर्फ 5 ग्राम फैट होता है। चने की दाल खाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह कोलेस्ट्रॉल घटाती है। चना दाल में फाइबर की मात्रा सबसे अधिक होती है जो कोलेस्ट्रॉल कम करती है।
उड़द दाल
उड़द को एक अत्यंत पौष्टिक दाल के रूप में जाना जाता है। यह अन्य प्रकार की दालों से अधिक बल देने वाली और पौष्टिक भी होती है। उड़द की दाल में प्रोटीन, विटामिन बी थायमीन, राइबोफ्लेविन और नियासिन, विटामिन सी, आयरन,कैल्शियम, घुलनशील रेशा और स्टार्च पाया जाता है। भरपूर मात्रा में विटामिन और खनिज लवण वाली इस दाल में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता। प्रति 100 ग्राम उड़द दाल में 341 कैलोरी, 38 मिलीग्राम सोडियम, 983 मिलीग्राम पोटैशियम, 59 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 18 ग्राम फाइबर और 25 ग्राम प्रोटीन की मात्रा होती है। इसमें बहुत सारा आयरन होता है, जिसे खाने से शरीर को बल मिलता है।
Published on:
25 Mar 2019 04:41 pm
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