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#HealthTips: इन 8 गलतियों से जिंदगी हो सकती है Black & White

आंखों को कोई ओर नहीं हम ही स्वस्थ्य और आकर्षक बनाए रख सकते हैं। mp.patrika.com आपको बता रहा है आंखों की देखभाल के यह टिप्स...।

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Manish Geete

Mar 08, 2016

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आप हमेशा हरियाली, बाग बगीचे और खूबसूरत नजारा देखना चाहते हैं। यह नजारा आपकी खूबसूरत आंखें ही आपको दिखाती है। एक पल के लिए सोचिए कि यदि वे आंखें आपको यह सब न दिखाए तो जिंदगी कैसी हो सकती है।

हां, आपकी जिंदगी ब्लेक एंड व्हाउट हो सकती है। लेकिन, कुदरत की इस अनमोल नेमत को हम ही बनाए रखते हैं और हम भी बिगाड़ लेते हैं। कई घंटों तक कम्प्यूटर पर काम करना, पौष्टिक आहार में कमी और धूल-मिट्टी के संपंर्क में आने के कारण आंखों में दिक्कतें बढ़ जाती है। बढ़ता प्रदूषण भी आंखों के खराब होने का बड़ा कारण है।

आंखों को कोई ओर नहीं हम ही स्वस्थ्य और आकर्षक बनाए रख सकते हैं। mp.patrika.com आपको बता रहा है आंखों की देखभाल के यह टिप्स...।


1. नजारा जब होने लगे धुंधला
अगर आपको आसपास का नजारा धुंधला दिखने लगे तो समझो मामला गड़बड़ है। इससे आपके मस्तिष्क और रक्तचाप के लिए भी टेंशन बढ़ सकता है। ऐसी स्थित में तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचना चाहिए।


2. जब हो ड्राई आई सिंड्रोम
आंखों में आंसुओं को बनाने वाली ग्रंथियां यदि गड़बड़ हो जाए तो ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या शुरू हो जाती है। यह बीमारी कनेक्टिव टिश्यू के डिस ऑर्डर के कारण होती है। इससे आंखों की सतह को नुकसान पहुंच सकता है और इसके परिणामस्वरूप अंधेपन की समस्या भी होती है।


3. यह है कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम
इसका प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों और युवा वर्ग पर होता है। कम रोशनी में पढ़ने और देररात तक लगातार कंप्यूटर और लैपटॉप पर समय बिताने से यह समस्या बढ़ जाती है। कंप्यूटर पर काम करने वाले को बीच-बीच में अपनी सीट से हर 40 मिनट में उठ जाना चाहिए। पांच मिनट के बाद फिर बैठ सकते हैं। अपनी पलकों को झपकाते भी रहना चाहिए। इससे आंखों को आराम मिलता है।


4. कंजक्टिवायटिस की समस्या
कंजक्टिवाइटिस आम बीमारी है। आंखें लाल हो जाती है, तेज रोशनी आंखों को परेशान करती है। दर्द बना रहता है और लगातार पानी बहता रहता है। यह बीमारी एक से दूसरे तक फैलती है। इस संक्रमण से बचाव के लिए आंखों को धोते रहना चाहिए। आंखों में कच्चे दूध की बूंदें और गुलाब जल डालने से काफी राहत मिलती है।


5. मोतियाबिंद की समस्या
काफी लोग मोतियाबिंद की समस्या से जूझ रहे हैं। मोतियाबिंद से गर्मियों में ज्यादा परेशानी होती है। चिकित्सक की सलाह लेकर आप इस बीमारी से बच सकते हैं।


6. जब हो आंखों में संक्रमण तो
पलकों के ग्लैंड में संक्रमण होने से आंखें सूज जाती है। इसी सूजन को आंखों में फुंसी कहा जाता है। यह किसी को भी हो सकती है। जो लोग आंखों को रगड़ते हैं उन्हें ज्यादा दिक्कतें होती हैं। आंखों में दर्द, पानी बहना, चकाचौंध होना और पलकों पर सूजन आना इसके लक्षण होते हैं।


7. पुतलियों का तिरछापन

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भैंगापन कई बार जन्मजात अथवा प्रसव के दौरान पड़े दबाव के कारण भी हो सकता है। शुरुआती दौर में इससे भले ही कोई खास फर्क न पड़ रहा हो, लेकिन ऐसे मामले आंखों को धीरे-धीरे कमजोर बना देते हैं।


8. आंखों में होती है खुजली
पलकों के नीचे खुजली या फिर चुभन का सीधा मतलब ये है कि आंखें सूख जाती हैं, जिससे उन्हें ल्यूब्रिकेंट करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। यह समस्या पिंक आई स्टेन के कारक एडिनो-8 वायरस की वजह से हो जाती है। इससे केवल आंखों की प्यूटिरायड ग्रंथि ही नहीं, बल्कि ग्लूकोमा भी प्रभावित होता रहता है।

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