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महाकाल के गर्भगृह में आम भक्तों के प्रवेश पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Mahakal- उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आम भक्तों के प्रवेश पर एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है।

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Mahakal- उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आम भक्तों के प्रवेश पर एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने अभी इसकी अनुमति नहीं दी है और फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने को कहा है। हाईकोर्ट ने महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश देने के कलेक्टर के अधिकार को सुरक्षित रखते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल रखी है। इसके अनुसार अभी गर्भगृह में जहां आम भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी है वहीं वीआईपी श्रद्धालुओं को विशेष अनुमति दी जाती है। इंदौर के दर्पण अवस्थी ने इसे चुनौती देते हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी। गुरुवार को इस पर सुनवाई हुई और सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।

18 अगस्त को दर्पण अवस्थी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए महाकाल में गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आम भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जा रहा लेकिन नेता, उनके परिजन और रसूखदार लोगों को यह सुविधा है। याचिका में इस व्यवस्था को चुनौती दी गई थी।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को इसपर सुनवाई की लेकिन आदेश सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। हाईकोर्ट ने फिलहाल मंदिर की वर्तमान व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गर्भगृह में प्रवेश देने का अधिकार कलेक्टर के पास ही रहेगा। यथास्थिति बनाए रखने के कोर्ट के आदेश से आम भक्तों को अभी गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

वर्तमान व्यवस्था को अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया

हाईकोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने एक-दो दिन में रिव्यू पिटीशन लगाने की बात कही है। उनका कहना है कि यह मामला महाकाल के लाखों आम भक्तों का है जोकि दूर-दराज से यहां आते हैं। कोर्ट में तर्क देते हुए अधिवक्ता शास्त्री ने गर्भगृह में प्रवेश की वर्तमान व्यवस्था को अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया।