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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर और बढ़ी मुसीबत, जानिए अब क्या करेगा परिवहन विभाग

एमपी में वाहन चालकों की मुसीबतें कम नहीं हो रहीं हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट यानि एचएसआरपी पर तो दिक्कत और बढ़ती जा रही है। इस मामले में हाईकोर्ट बेहद सख्त है जिसके कारण परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी भी परेशानी में पड़ गए हैं। एचएसआरपी और हेलमेट की अनिवार्यता के मामले में MP High Court ने परिवहन विभाग और एडीजीपी ट्रैफिक को कड़ी चेतावनी दी है।

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एचएसआरपी और हेलमेट की अनिवार्यता

एमपी में वाहन चालकों की मुसीबतें कम नहीं हो रहीं हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट यानि एचएसआरपी पर तो दिक्कत और बढ़ती जा रही है। इस मामले में हाईकोर्ट बेहद सख्त है जिसके कारण परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी भी परेशानी में पड़ गए हैं। एचएसआरपी और हेलमेट की अनिवार्यता के मामले में MP High Court ने परिवहन विभाग और एडीजीपी ट्रैफिक को कड़ी चेतावनी दी है।

सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट, बाइक—स्कूटर पर हेलमेट व कार में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। इस मामले में संबंधित विभागों ने अंडरटेकिंग दी लेकिन उसका पालन नहीं किया। बाद में अधिकारियों ने जवाब पेश किया लेकिन हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। अब कोर्ट ने प्रदेश के परिवहन आयुक्त व एडीजीपी ट्रैफिक के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई तक की चेतावनी दे दी है।

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मंगलवार को कोर्ट में इस मामले में मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ का बेहद सख्त रूप दिखा। अधिकारियों पर अवमानना का केस दर्ज होना तय सा हो गया पर अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत रूपराह ने जवाब पेश करने के लिए एक दिन की और मोहलत मांगी।
पीठ ने उनकी मांग मंजूर कर ली और अगली सुनवाई के लिए 15 फरवरी का दिन निर्धारित किया।

परिवहन आयुक्त व एडीजीपी ट्रैफिक को कोर्ट से पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मंगलवार को उनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर कोर्ट ने असंतोष जताया। हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि जो अंडरटेकिंग दी गई थी उसका पालन नहीं किया। इसके लिए क्यों न उनके खिलाफ अवमानना का प्रकरण दर्ज किया जाए।

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मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या सरकार अक्षम अधिकारियों के भरोसे बढ़ेगी। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध कंटेम्प्ट केस दर्ज करने की दोबारा चेतावनी दी।

दरअसल पिछले साल जुलाई में राज्य सरकार ने आगामी छह माह में प्रदेश के सभी वाहनों में हर हाल में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लग जाने संबंधी अंडरटेकिंग दी थी। दोपहिया वाहन चालक के हेलमेट पहनने और कार चालक के सीट बेल्ट लगाने पर भी यही बात कही गई थी। अंडरटेकिंग में साफ कहा गया था कि 15 जनवरी 2024 के बाद यदि एक भी वाहन चालक इन नियमों का उल्लंघन करेगा तो परिवहन आयुक्त और एडीजीपी अवमानना के लिए जिम्मेदार होंगे।

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मंगलवार को हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एचएसआरपी मामले में परिवहन विभाग द्वारा चालान काटे जाने की कार्रवाई होना तय है। गौरतलब है कि प्रदेश में अभी भी करीब 45 लाख वाहनों में नई नंबर प्लेट नहीं लगी है।

एक नजर
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और हेलमेट अनिवार्यता
MP High Court ने परिवहन विभाग को चेताया
हाईकोर्ट ने विभाग के जवाब पर जताया असंतोष
प्रदेश के परिवहन आयुक्त को जारी किया नोटिस
प्रदेश के एडीजीपी ट्रेफिक को भी दी चेतावनी
15 जनवरी 2024 की तय की थी समय सीमा