
MP Police constable recruitment 2025 hightech cheating case(photo:patrika creative)
MP Police Constable Recruitment 2025: Police Constable Recruitment 2025: मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती, परीक्षा 2025 के दौरान कथित गड़बड़ियों ने नया मोड़ ले लिया है। ईएसबी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ने कुछ अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में ऐसे पैटर्न पकड़े, जो सामान्य मानकों से मेल नहीं खा रहे थे। शुरुआती जांच में एक ही परीक्षा केंद्र से जुड़े 14 उम्मीद्वारों ने गणित और रीजनिंग के जटिल सवाल चंद सेकंड में कर लिए। इसके बाद की जांच में नकल का ये खेल सामने आया है। मंडल ने सभी 14 कैंडिडेट्स को फिजिकल टेस्ट से पहले ही निकाल बाहर किया है। अब सभी पर FIR की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया (MP Police Constable Recruitment) में करीब 7500 पदों के लिए 9.79 कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। ऑनलाइन आयोजित परीक्षा में अधिकांश प्रश्नों का हल करने में जहां सामान्य रूप से 30-40 सेकंड लगते हैं, वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने कठिन सवालों को महज 2-3 सेकंड में ही कर लिया। यह बड़ी ही असामान्य रफ्तार थी, जिससे मामला जांच का विषय बन गया। इसका रिजल्ट जनवरी 2026 को घोषित किया गया।
ईएसबी की जांच में इस्तेमाल किए गए AI की एल्गोरिद्म ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया… इनमें-
1- रिस्पॉन्स टाइम एनालिसिस- जिन सवालों के जवाब समझने में और फिर उन्हें हल करने में कैंडिडेट्स को समय लगता है, उन्हें कैंडिडेट्स ने तुरंत ही हल कर लिया।
2- आंसर पैटर्न मैचिंग से खुली पोल- अलग-अलग शिफ्ट में बैठे कैंडिडेट्स के जवाबों में हैरत में डालने वाली समानतामिला। यहां तक कि गलत उत्तर भी बिल्कुल सेम थे।
3- परफॉर्मेंस ने चौंकाया- मामले में पिछले चरण की परीक्षा में कई कैंडिडेट्स का पिछला रिकॉर्ड औसत रहा, जबकि इस परीक्षा में इन 14 कैंडिडेट्स के अंक में अचानक 98-100 फीसदी तक उछाल देखा गया। इसे एआई ने रेड फ्लैग के रूप में चिह्नित किया।
4- CCTV फुटेज से भी मिले कुछ हिंट- जांच के दौरान परीक्षा केंद्रों के cctv फुटेज खंगाले गए। कुछ संदिग्ध गतिविधियों में यह सामने आया कि परीक्षा कक्ष के बाहर मौजूद लोग बार-बार स्क्रीन के पास आने की कोशिश कर रहे थे। इससे तकनीकी माध्यम से उत्तर पहुंचाने की आशंका और गहरा गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने रिटायर्ड IPS और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की 5 सदस्यीय एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने AI से मिले डेटा और परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तो पता चला कि ये सभी 14 कैंडिडेट्स अलग अलग दिनों और कई शिफ्टों में परीक्षा दे रहे थे। लेकिन सभी का सेंटर एक ही था।
जानकारी के मुताबिक इससे पहले ऐसी ही धांधली आबकारी आरक्षक भर्ती 2024 में भी ट्रेंड में आ चुकी थी। रतलाम के एक स्कूल में इस तरह नकल कर परीक्षा देने वाले 12 कैंडिडेट्स ने आधे घंटे में ही पूरा पेपर सॉल्व कर लिया था।
मंडल ने इन सभी 14 कैंडिडेट्स को फिजिकल टेस्ट (MP Police Constable Recruitment) से पहले ही प्रक्रिया से बाहर कर दिया। 25 जनवरी 2026 को प्रथम चरण के परिणाम घोषित किए गए थे। उसी समय इनके रोल नंबर ब्लॉक कर दिए गए थे, ताकि परीक्षा विवादों में न रहे।
मामले में स्टेट साइबर सेल एसपी प्रणय नागवंशी का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि ईएसबी से शिकायती आवेदन मिला है। कुछ अतिरिक्त जानकारियां भी मांगी गई हैं। उन्हीं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ज्यादातर
मामले में जितने भी संदिग्ध कैंडिडेट्स मिले हैं, वे ग्वालियर संभाग से ही हैं। इनमें भिंड, मुरैना, ग्वालियर के कैंडिडेट्स हैं। वहीं अब यह मामला साइबर सेल के पास है। वहीं इसकी (MP Police Constable Recruitment) पूरी जांच कर रही है। इस पूरे मामले में आशंका जताई जा रही है कि रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर मिरिरिंग के माध्यम से मदद की गई है। फिलहाल संदिग्ध उम्मीद्वारों के परिणामों को रोक दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
Published on:
20 Mar 2026 02:15 pm
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