
गरज-चमक के साथ तेज बारिश (Photo Source- Patrika Input)
MP Weather Update : मध्य प्रदेश में पड़ रही तेज गर्मी के बीच दो दिन से बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। गुरुवार को तेज आंधी के साथ बारिश हुई। यही नहीं, आज गुरुवार को सूबे के 34 जिलों में एक बार फिर बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के 6 जिलों में ओले गिरने की भी संभावना है। जबकि 28 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश के बीचो-बीच एक साइक्लोनिक और टर्फ सक्रीय है, जिससे प्रदेश में बीते दो दिन से आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार को 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं तेज आंधी के साथ बारिश तो कहीं ओले गिरे। जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नरसिंहपुर, खंडवा, हरदा, देवास, मंडला, खरगोन और सिवनी में ओले गिरे। भोपाल, बुरहानपुर समेत कई जिलों में बारिश, तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने या चमकने का दौर जारी रहा। बारिश के चलते मौसम में ठंडक घुल गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में कल यानी शुक्रवार को भी यही मौसम बना रहेगा। प्रदेश के सतना, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, रीवा, मैहर, मऊंगज और अनूपपुर में आंधी और बारिश की संभावना है।
मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी।
खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है।
क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा।
वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। दिन में तापमान 33.6 डिग्री तक दर्ज हुआ। रात 9 बजे के बाद अचानक मौसम बदला। दक्षिण-पश्चिमी हवा तेज हुई और बारिश होने लगी। 52 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इस दौरान शहर के अनेक हिस्सों में बिजली गुल हो गई और अंधेरा पसर गया।
मौसम विभाग ने इंदौर समेत खंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, देवास व अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। अगले 2 दिनों तक वज्रपात, झंझावात व झोंकदार हवा चलने की चेतावनी दी है। गुरुवार को इंदौर में अधिकतम तापमान 33.6 व न्यूनतम 18.4 डिग्री रहा। तेज हवा के साथ जोरदार बिजली कड़की। कई इलाकों रीगल तिराहा, छोटी ग्वालटोली, एमजी रोड, पलासिया, विजयनगर, स्कीम न. 114 आदि स्थानों पर बिजली गुल हो गई। मौसम विभाग ने आगर, दक्षिण धार, खंडवा, ओंकारेश्वर में आंधी के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका जताई है।
इधर, रतलाम में तेज हवा और आंधी के साथ गुरुवार शाम शहर में बारिश का दौर शुरू हुआ। हवा का वेग इतना तेज रहा की दोपहिया वाहन चालकों को यहां वहां रुकना पड़ा। सुबह से हो रही उमस और गर्मी से लोगों ने राहत पाई। शहर के अलावा जिले के शिवगढ़, रावटी, सैलाना में भी बारिश का दौर शाम को जारी रहा।
वहीं, बैतूल जिले में खासकर मुलताई समेत आसपास के इलाकों में गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे बारिश हुई। यही नहीं, यहां करीब 10 मिनट चने के आकार के ओले भी गिरे। गोपाल तलाई, नरखेड़ और प्रभात पट्टन में भी बारिश व ओलावृष्टि हुई। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रानीपुर इलाके में भी सुबह बारिश हुई। रानीपुर के साथ जुवाड़ी, मेहकार, हीरावाड़ी, मयावानी, रतनपुर, शोभापुर, चारगांव और कतियाकोयलारी गांवों में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश से फसलों को नुकसान बताया जा रहा है। किसान नरेंद्र कुमार महतो ने बताया कि इस समय गेहूं, चना, बटना और सरसों की फसलें पककर पूरी तरह तैयार हैं। बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, बारिश से गर्मी से राहत भी मिली है।
सूबे के ग्वालियर जिले में भी सुबह से बारिश का दौर शुरु हो गया है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इससे दिन में सर्दी का एहसास हुआ।
Updated on:
20 Mar 2026 11:22 am
Published on:
20 Mar 2026 11:21 am
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