
employee motivation
भोपाल। टीम को मोटिवेट करने के लिए आपका विजन क्लियर होना चाहिए। टीम के हर सदस्य की स्किल्स पर फोकस करने के साथ ही एक एक्शन प्लान भी तैयार करें, ताकि एम्प्लॉई अपनी क्षमताओं का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकें और कंपनी के टारगेट को अचीव करने में प्रोडक्टिव योगदान दे सकें लेकिन यह तभी होगा, जब एक टीम लीडर के रूप आप टीम के लिए समय निकालें। जानिए काउंसलर शबनम खान से ऐसी ही कुछ जरूरी बातें...
सहयोगपूर्ण हो ऑफिस का माहौल
टीम मैम्बर्स चाहे कितने भी टैलेंड क्यों न हों लेकिन यदि ऑफिस का माहौल तनावपूर्ण है तो उनकी प्रोडक्टिविटी कम होती जाएगी। इसलिए टीम को मोटिवेट करना चाहते हैं तो एक्शन प्लान तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखें कि ऑफिस का माहौल सहयोगपूर्ण है या नहीं। एक अच्छे माहौल में आपकी टीम कुछ क्रिएटिव कर सकती है। इसके लिए आपको अलग-अलग एम्प्लॉइज से मिलकर बात करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आप इमेल के जरिए भी एम्प्लॉइज की समस्याओं को जान सकते हैं। इस तरह वर्कप्लेस पर पॉजिटिविटी भी बढ़ती है।
कम्यूनिकेशन
टीम को मोटिवेट करने का दूसरा तरीका है कम्यूनिकेशन पर ध्यान दिया जाए, तभी आप टीम मैम्बर्स की वैल्यूज, पर्सनेलिटी स्टाइल आदि के बारे में जान सकते हैं। टीम मैम्बर्स को समझने के लिए आपको समय निकलना होगा। सप्ताह में एक बार कोई मीटिंग या वर्कशॉप रख सकते हैं।इस कॉन्फ्रिेंस और इवेंट के जरिए आप न केवल टीम मैम्बर्स को मोटिवेट कर सकते हैं, बल्कि उन समस्याओं का भी क्रिएटिव सॉल्युशन निकाल सकते हैं।
मनोदशा को समझें
एम्प्लॉइज की मनोदशा को समझना भी जरूरी है। सफल लीडर वही है, जो मनोदशा को मोटिवेशन से अलग रखे। यानी आपको यह समझना होगा कि एम्प्लॉइज को किस तरह से मोटिवेट करना है। उनकी क्षमताओं को प्रोडक्टिविटी में बदलना है। यदि एम्प्लॉई का मनोबल कमजोर है तो यह ध्यान देना होगा कि किस तरह से ज्यादा प्रोडक्टिविटी बनाया जा सकता है। एम्प्लॉइज की क्रिएटिविटी बढ़ाने का भी यह अच्छा सिद्धांत है। देखा जाए तो किसी व्यक्ति को तभी मोटिवेट किया जा सकता है, जब आपको उसी मनोदशा के बारे में पता हो। ऐसे में आप ज्यादा बेहतर कदम उठा सकते हैं।
सक्सेस स्टोरी शेयर करें
यदि टीम मैम्बर्स के सामने इंडस्ट्री या जॉब पोजिशन के लोगों की सक्सेज स्टोरी को शेयर किया जाए तो इससे एम्प्लॉइज भी अपने काम के प्रति जिम्मेदार बनेंगे एवं मोटिवेट रहेंगे। कई बार वर्कलोड या फिर टेनिक्ल प्रॉब्लम्स की वजह से एम्प्लॉइज डिमोटिवेटेड हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें मोटिवेट करने के लिए समय-समय पर सक्सेस स्टोरी सुनानी चाहिए। गोल्स क्या है, यह इतना महत्त्वपूर्ण नहीं है, जितना की सफलता के लिए प्रयास करना है।
गोल्स क्लियर हों
टीम को मोटिवेट करने के लिए आपको गोल्स भी क्लियर करने होंगे। दरअसल, जब आपकी टीम के पास निश्चित टारगेट होगा, तो उनकी जवाबदेही भी बढ़ेगी और ज्यादा जिम्मेदारी से अपना टास्क करेंगे। इसलिए अलग-अलग टीम मैम्बर्स के लिए अलग गोल्स तय करें और समय-समय पर रिव्यू लें। यदि किसी तरह की वर्क प्रॉब्लम आ रही है तो उसका उचित समाधान करें। इस तरह प्रॉब्लम सॉल्व होने से भी एम्प्लॉइज मोटिवेटेड रहेंगे।
प्रोत्साहित करें
यदि एम्प्लॉइज को समय-समय पर उनके काम के लिए प्रोत्साहित किया जाए तो इससे भी मोटिवेशन बढ़ाया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर समय पर टारगेट अचीव करने और काम के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार रहने के बाद भी किसी तरह का प्रोत्साहन नहीं मिलेगा तो एम्प्लॉइज तनाव में रहेंगे, इसका असर उनकी प्रोडक्टिविटी पर पड़ेगा। इस तरह बिजनेस टारगेट को अचीव करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए इस ओर विशेष ध्यान दें।
Published on:
28 May 2018 01:10 pm
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