
Holi 2025 : रंगभरी ग्यारस सोमवार को मनाई गई। इस मौके पर शहर के राधा कृष्ण मंदिरों में मथुरा वृंदावन की तरह नजारा दिखाई दिया और भक्त भक्ति के रंग में डूबे नजर आए। मंदिरों में फूल, अबीर, गुलाल, रंगों से भक्त भगवान के साथ होली खेल रहे थे और फाग और रसिया गीत गूंज रहे थे। मंदिरों में होली जैसा उत्साह था। श्रद्धालु भगवान को रंग, गुलाल अर्पित कर एक दूसरे के साथ होली खेल रहे थे और भक्तिमय नृत्य कर रहे थे। इसी तरह लखेरापुरा के श्रीजी मंदिर में रंगभरी एकादशी पर कुंज का मनोरथ हुआ।
यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रीनाथ प्रभु के साथ होली खेली। इस मौके पर भगवान को टेसू से बने कुंड में विराजमान किया गया, इसके बाद भक्तों ने यहां होली खेली। मंदिर के श्रीकांत शर्मा ने बताया कि इस दौरान डेढ़ क्विंटल फूल, 15 किलो हर्बल गुलाल और रंग से होली खेली गई। इस दौरान इत्र का छिड़काव भी किया गया। हित रसिक मंडली मंदिर में रंगभरी एकादशी पर होली उत्सव में शमिल भक्त।
एकादशी के मौके पर बांके बिहारी मार्कंडेय मंदिर चौबदारपुरा में आमल रंगभरी एकादशी पर युगल सरकार के साथ महिलाओं ने रंग, गुलाल खेला। फाग उत्सव के दौरान भजन, कीर्तन हुए। वही श्रद्धालुओं ने भक्तिमय नृत्य किया। इस मौके पर महिलाओं द्वारा दीपदान किया गया। इस मौके पर मंदिर के पं. रामनारायण आचार्य ने एकादशी की कथा सुनाई। ऐसे ही इब्राहिमपुरा के राधावल्लभ मंदिर, इतवारा के हित रसिक मंदिर, खाटू श्याम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में होली उत्सव के आयोजन किए गए, जहां श्रद्धालुओं ने जमकर होली खेली।
मां आदर्श नौ दुर्गा मंदिर खाटू श्याम मंदिर में भी फाल्गुन एकादशी के मौके पर फूलों की होली खेली गई। वहीं मंदिर में खाटू श्याम का रंग बिरंगी फूलों से शृंगार कर ज्योत जलाई गई और होली के भजन और फाग गीत हुए। इस मौके पर बड़ी संया में श्रद्धालु मौजूद थे।
Updated on:
11 Mar 2025, 9:00 AM IST
Published on:
11 Mar 2025, 9:00 AM IST
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