
Holika Dahan 2024
holika dahan 2024: पंचांग की गणना के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर प्रदोष काल में होलिका के पूजन की मान्यता है। इस बार 24 मार्च को रविवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र की साक्षी में प्रदोष काल के दौरान होलिका का पूजन होगा कुछ स्थानों पर भद्रा के बाद पूजन की मान्यता बताई गई है, जबकि कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी में आने वाले पर्व पर भद्रा पाताल लोक में निवास करती है। इस दृष्टि से इसमें कोई दोष नहीं है, प्रदोष काल में ही होलिका पूजन होगा।
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि हर बार होलिका का पूजन एक या दो साल के अंतराल में भद्रा की साक्षी में आता ही है, यह भी लगभग स्पष्ट है कि होलिका का पूजन पर भद्रा का दोष कितना मान्य होता है या नहीं होता है। इस विषय पर यदि चर्चा की जाए तो ज्योतिष शास्त्र में भद्रा का वास चंद्रमा के राशि संचरण के आधार पर बताया गया है, यदि भद्रा कन्या, तुला, धनु, राशि के चंद्रमा की साक्षी में आती है, तो वह भद्रा पाताल में वास करती है और पाताल में वास करने वाली भद्रा धन-धान्य और प्रगति को देने वाली मानी गई है, इस दृष्टि से इस भद्रा की उपस्थिति शुभ मंगलकारी मानी गई है।
नक्षत्र मेखला की गणना के अनुसार देखे तो होलिका का पूजन प्रदोष काल में होगा। इस समय उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा यह नक्षत्र कन्या राशि की कक्षा में आता है व मुहूर्त चिंतामणि की गणना से बात करें तो उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में किया गया कार्य विशेष पर्व काल पर आता हो तो यह नक्षत्र धन-धान्य की वृद्धि देने वाला माना गया है।
पौराणिक कथाओं में अलग-अलग प्रकार के संदर्भ होलिका के संबंध में प्राप्त होते हैं। इसका सकारात्मक पक्ष उठाएं तो पर्व काल पर होलिका का पूजन करने से पुत्र पौत्र धन-धान्य की प्राप्ति होती है, क्योंकि पौराणिक मान्यता में होलिका का पूजन विधि विधान से पंचोपचार पूजन की मान्यता के साथ करने से रोग दोष की निवृत्ति होती है। साथ ही घर परिवार में सुख-शांति होती है। पुत्र, पौत्र से परिपूर्ण घर परिवार बना रहता है।
Published on:
15 Mar 2024 02:08 pm
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