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खुलासा: 28 विधायकों का वीडियो बना सरकार गिराने की थी साजिश!

ऐसे उठ रहा पूरे मामले से पर्दा, गिरोह में शामिल हैं कई सफेदपोश

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भोपाल/ मध्यप्रदेश हनीट्रैप मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि वर्तमान सरकार के मंत्रियों का वीडियो भी इनके पास हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह कहा जा रहा है कि ये महिलाएं सरकार 28 विधायकों का वीडियो बनाने वाली थीं। उससे पहले ही इन्हें एटीएस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। कहा यह भी जा रहा है कि इन विधायकों को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये विधायकों से वीडियो के जरिए बारगेन करतीं, उसके बाद इनसे डील करती। इनके आकाओं ने इन्हें टास्क दिया था। ये महिलाएं दो मंत्रियों के वीडियो बनाने में कामयाब हो गई थीं। तीसरे टारगेट तक पहुंचने की कोशिश में थी, उससे पहले ही पूरा राज खुल गया। कहा जा रहा है कि इनके पास और भी कई लोगों के वीडियो हैं।

पांच हार्डडिस्क में हैं सारे राज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इनके पास से पांच हार्डडिस्क मिले हैं। इस हार्डडिस्क में सैकड़ों लोगों के अश्लील वीडियो हैं। पुलिस हालांकि अभी तक उनके नाम नहीं उजागर किए हैं। बताया जा रहा है कि इस साजिश में कई बड़े नेता भी शामिल हैं। गैंग की महिला सदस्य लगातार मंत्रियों और विधायकों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश में लगी थी। आईएएस अधिकारी के साथ वीडियो वायरल होने के बाद यह एटीएस की रडार पर थी।

सीडी की थी चर्चा
चर्चा है कि इस बात की भनक सरकार को लग गई थी कि कुछ मंत्रियों और विधायकों को फंसाने की कोशिश जारी है। दो मंत्रियों के सीडी भी तैयार हो गए हैं। इसके बाद से सरकार में खलबली थी। क्योंकि बार-बार सरकार गिराने की बात भी कही जाती थी। सरकार से ग्रीन सिग्नल मिलते ही एटीएस ने इस मामले को भेदने के लिए जाल बिछाना शुरू किया। जांच के दौरान ही यह बात सामने आई कि ये सरकार के 28 विधायकों को टारगेट कर रही थीं।

इंजीनियर आया आगे
इस मामले में अभी तक जो भी पीड़ित रहे, वह अपने ही स्तर से डील कर मामले को निपटा लेते थे। इसलिए कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। पहली बार इनके खिलाफ इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरपाल सिंह ने शिकायत की। उसी के आधार पर ये कार्रवाई हुई। लेकिन अभी तक पुलिस के पास कोई दूसरा फरियादी नहीं आया है। ऐसे में सवाल है कि इंजीनियर हरपाल सरकार के सफेदपोशों को बचाने के लिए मोहरा बने हैं।

पॉलिटिक्स शुरू
मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी से संबंधित जो महिलाएं रही हैं, उनको टिकट भी दिया जा रहा था। इस गिरोह से बहुत सारे पूर्व मंत्री भी जुड़े हुए हैं। सरकार को अस्थिर करने के लिए इनका ये खेल है। बाकी लोगों को फंसाना और ब्लैकमेलिंग करना इनका रहा है। बीजेपी लगातार षड्यंत्र कर रही है। हनीट्रैप मामले में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, ये सभी उसमें शामिल हैं। ये पूरी तरह से घिनौनी हरकत है। कमलनाथ की सरकार इससे निपटने में पूरी तरह से सक्षम है।

जीतू पटवारी ने कहा कि जिन लोगों ने भी ये साजिश रची है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोगों को ब्लैकमेलिंग भी किया है। लेकिन कानून अपना काम करेगी। इसमें चाहे कोई भी शामिल क्यों न हो।

वहीं, वन मंत्री उमंग सिंघार ने भी ट्वीट करते हुए लिखा है कि सत्ता पिपासु बीजेपी के नेता लाक्षागृही षड्यंत्र रचने को आतुर अपने चरित्र को गिरवी रख सियासी षड्यंत्रों की सबसे बड़ी पाठशाला जो दिल्ली में हैं उसके इशारे पर चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास कर रहे है वो जनता के सामने बेनकाब हो गया।

शिवराज सिंह चौहान ये बोले
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये कोई राजनीति का विषय नहीं है, तथ्यों के आधार पर जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन हनी और ट्रैप क्या होता है, मैं नहीं जानता हूं।