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एपीडा ने उत्पादन क्षेत्र तय करने में की मनमानी.. देखें पूरा मामला!

मध्यप्रदेश को कैसे किया बाहर, सरकार जुटा रही तथ्य

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भोपाल। एपीडा ने बासमती को जीआइ-टैग देने के लिए उत्पादन क्षेत्र की व्याख्या में दोहरा रवैया अपनाया है। उसने कहीं हिमालय के फुट हिल्स की परिभाषा को इस्तेमाल किया तो कहीं इंडो गंगेटिक प्लेन एरिया को शामिल कर लिया। उत्पादन क्षेत्र के इसी भेद में मध्यप्रदेश को बाहर कर दिया गया, इसलिए अब सरकार इन दोनों व्याख्याओं को भी कोर्ट में चुनौती देगी। इसके दस्तावेज और एपीडा के तर्कों को एकत्रित किया जा रहा है।

यह दिया था तर्क

मध्यप्रदेश का बासमती पर दावा खारिज करने में एपीडा ने सबसे पहले यह हवाला दिया कि हिमालय के फुट हिल्स क्षेत्र में बासमती का उत्पादन होता है। बाद में उसी ने बासमती उत्पादन के मामले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ ऐसे हिस्सों को शामिल कर लिया, जो हिमालय के फुट हिल्स क्षेत्र में नहीं आते हैं। इन राज्यों के इन हिस्सों को शामिल करने के लिए एपीडा इंडो गंगेटिक प्लेन एरिया की व्याख्या को आधार बना लिया।

प्रदेश ने ली आपत्ति, साक्ष्य नहीं दिए

एपीडा ने कहा कि जनता में इंडो गंगेटिक प्लेन एरिया में ही बासमती की पारम्परिक खेती होने की आम धारणा है। इस कारण इन राज्यों के हिमालय के फुट हिल्स में न आने वाले हिस्से भी बासमती की पारम्परिक खेती के लिए शामिल कर लिए गए। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक एपीडा ने अपनी सुविधा के हिसाब से सात राज्यों को बासमती जीआइ-टैग के लिए कभी हिमालय के फुट हिल्स और कभी इंडो गंगेटिक प्लेन एरिया शब्दों का उपयोग किया। प्रदेश ने इस पर आपत्ति ली, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं रखे गए।

उत्पादन रेकार्ड भी दरकिनार

हरियाणा और पंजाब के लिए एपीडा ने इंडो गंगेटिक प्लेन एरिया की व्याख्या को भी तोड़ा-मरोड़ा है। इसमें हरियाणा के उन हिस्सों को शामिल किया गया, जो मप्र के बासमती उत्पादन के 1908 के रेकार्ड से बरसों बाद 1947 में बासमती उत्पादन में आए। उत्पादन के रेकार्ड को भी इन व्याख्याओं में दरकिनार किया गया।

रवि ने किया वन बल प्रमुख का पदभार ग्रहण

भोपाल में रवि श्रीवास्तव ने सतपुड़ा भवन स्थित वन मुख्यालय में सोमवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (हाफ) का पदभार ग्रहण किया। उनके पास वन विकास निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। शासन ने पीसीसीएफ शहवाज अहमद को विकास और अनुसंधान के साथ ही वाइल्ड लाइफ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। जेके मोहंती को पीसीसीएफ का प्रभार सौंपा है। पीसीसीएफ हाफ अनिमेष शुक्ला, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जितेन्द्र अग्रवाल और आरके गुप्ता सोमवार को रिटायर हुए।