2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी बनीं इमरती देवी, इस नेता ने कराई थी पहली बार मुलाकात

इमरती देवी ने सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Pawan Tiwari

Oct 27, 2020

कैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी बनीं इमरती देवी, इस नेता ने कराई थी पहली बार मुलाकात

कैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी बनीं इमरती देवी, इस नेता ने कराई थी पहली बार मुलाकात

भोपाल. अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाली मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी 28 सीटों में हो रहे उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने उनके खिलाफ विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें आइटम कहा था। वहीं, इमरती अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। इमरती देवी, भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी मानी जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया की खास कैसे बनीं।

कब हुआ सिंधिया से संपर्क?
इमरती देवी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। इमरती देवी सबसे पहले जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती थीं। मोहन सिंह राठौर ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष थे। वह ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफी करीबी माने जाते हैं, उन्हीं के माध्यम से इमरती देवी और सिंधिया की मुलाकात हुई थी। जिसके बाद इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास बनती गईं। सिंधिया की खास बनने के बाद वो लगातार तीन बार विधानसभा का चुनाव भी जीतीं। यही कारण है कि आज भी वह ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना राजनीतिक गुरू मानती हैं।

सिंधिया के कहने पर कुछ भी करूंगी
इमरती देवी जब मध्यप्रदेश में पहली बार कमलनाथ सरकार में मंत्री बनीं थी तब उन्होंने कहा था कि मैं आज जो भी हूं महाराज के कारण हूं। अगर महाराज मुझे सड़क पर झाड़ू लगाने के लिए कहेंगे तो मैं झाड़ू भी लगाऊंगी। इमरती देवी का ये बयान कभी सुर्खियों में था।

इमरती देवी का राजनीति कैरियर
2004 में जिला पंचायत ग्वालियर की सदस्य बनीं।
इमरती देवी वर्ष 2008 में 13वीं विधानसभा की सदस्य निर्वाचित हुईं।
2013 में दूसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुई
2018 में भी तीसरी बार चुनाव जीतीं।
25 दिसम्बर, 2018 को मुख्यमंत्री कमल नाथ के मंत्रिमण्डल में मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। अब शिवराज कैबिनेट में महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं और डबरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार हैं।