कैसी है दिग्विजय और प्रज्ञा के बीच सियासी जंग, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

कैसी है दिग्विजय और प्रज्ञा के बीच सियासी जंग, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर
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Deepesh Tiwari | Publish: May, 02 2019 05:47:32 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

भोपाल संसदीय क्षेत्र...

भोपाल. भोपाल लोकसभा सीट पर तीन दशक से खाता नहीं खोल पाई कांग्रेस ने इस बार दिग्विजय सिंह पर दांव लगाया है। यह एक तरह से उनका राजनीतिक पुनर्वास भी है, क्योंकि वे 15 साल बाद फिर चुनाव मैदान में हैं। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद 10 साल चुनाव नहीं लडऩे का प्रण लेने वाले दिग्विजय यूपीए कार्यकाल में बयानों के लिए सुर्खियों में रहे हैं।

उन्हीं बयानों पर घेरने के लिए भाजपा ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा है। एबीवीपी की पदाधिकारी रहीं प्रज्ञा मालेगांव बम विस्फोट से सुर्खियों में आई थीं। भोपाल के चुनाव को भाजपा और कांगे्रस दोनों ने विचारधारा की लड़ाई का नाम दिया है। भाजपा दिग्विजय के 10 साल के मुख्यमंत्रित्व काल को लेकर भी हमलावर है।


: दिग्विजय सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी...


शिक्षा- बीई


ताकत
दस साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
शिक्षण संस्थानों, बिल्डर संगठन सहित स्थानीय लोगों के बीच सोसाइटी स्तर तक पकड़, चुनाव प्रचार प्रबंधन के तरीके।
मुद्दों की समझ और विकास का एजेंडा बनाकर वोट की अपील।

कमजोरी
पुरानी बयानबाजियां उनके लिए मुश्किल बन सकती हैं, जिन्हें विवादित माना गया था।
कर्मचारियों के खिलाफ दिए गए बयान।
बिजली कटौती और खराब सड़कों के लिए जिम्मेदार सीएम की इमेज।

 

 

: प्रज्ञा सिंह ठाकुर, भाजपा प्रत्याशी


शिक्षा- पोस्ट ग्रेजुएट


ताकत
हिंदूवादी चेहरा होने के कारण अलग पहचान।
मालेगांव विस्फोट मामले में प्रताडऩा को लेकर इमोशनल कार्ड।
भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बड़ी टीम साथ।

कमजोरी
राजनीतिक अनुभव की कमी।
विकास के मामले में अब तक कोई ठोस एजेंडा सामने नहीं आया।
बयान जो राजनीतिक विवाद पैदा कर रहे हैं।

 

2019 की स्थिति
कुल मतदाता- 2123698
पुरुष - 1111631
महिला - 1011893
मतदान केंद्र - 2256

2014 की स्थिति
कुल मतदाता- 1957 231
कुल पड़े वोट-1130281
प्रतिशत- 56.83
आलोक संजर, भाजपा- 714178 - 63.88
पीसी शर्मा, कांग्रेस- 343782 - 30.53

राजनीतिक समीकरण
भाजपा ने सांसद आलोक संजर का टिकट काटकर प्रज्ञा को मैदान में उतारा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भोपाल लोकसभा सीट की आठ में से पांच सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। तीन सीटें कांग्रेस के पाले में आई थीं। कांग्रेस ने दो मंत्री बनाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की है। इनके अलावा कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के पुत्र नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह समेत कई अन्य मंत्री व विधायक प्रचार अभियान को गति दे रहे हैं। भाजपा ने अपने पूरे कॉडर को चुनाव में लगा दिया है। संघ उत्प्रेरक भूमिका में है।

किसने क्या कहा
मैं जनता के बीच जाकर केवल विकास के मुद्दे पर वोट मांग रहा हूं। कौन क्या कह रहा है इसका जवाब जनता 12 तारीख को देगी। भोपाल के माहौल को खराब करने के लिए कई हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, इसलिए मैं और मेरे कार्यकर्ता इस साजिश का शिकार नहीं बनेंगे। जीत उसी की होगी जो जनता के मुद्दों पर खरा उतरेगा।
- दिग्विजय सिंह

 

मैं कांग्रेस की महिला और हिंदुत्व विरोधी मानसिकता का जीता जागता उदाहरण हूं। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहती, लेकिन मेरे साथ जो अत्याचार हुए हैं उस पर बोलने के लिए स्वतंत्र हूं। मेरे विरोधी जो कल तक हिंदुत्व को आतंकवाद कहते थे, आज उसी के नाम पर वोट मांग रहे हैं।
- प्रज्ञा सिंह ठाकुर

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