25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘ब्राह्मण की बेटी’ वाले बयान पर बुरी तरह फंसे IAS संतोष वर्मा, कारण बताओ नोटिस जारी

Show Cause Notice Issued : 'ब्राह्मण की बेटी' वाले विवादित बयान पर माफी मांगने के बाद भी IAS संतोष वर्मा की मुसीबतें कम नही हो रहीं। एक तरफ ब्राह्मण समाज लगातार वर्मा के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहा है तो वहीं दूसरी ओर सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 27 Nov 2025, 6:47 AM IST

Show Cause Notice Issued

बुरे फंसे IAS संतोष वर्मा (Photo Source- Patrika)

Show Cause Notice Issued : 'ब्राह्मण की बेटी' वाले बयान पर IAS संतोष वर्मा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ ब्राह्मण समाज उनके खिलाफ लगातार विरोध दर्ज करा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से उन्हें जवाब देने के लिए अधिकतम एक सप्ताह के भीतर उनसे जवाब मांगा है।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के उप सचिव संतोष वर्मा को नोटिस जारी करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने लिखा, '23 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिए बयान के संबंध में आपने एक परिवार में 'एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे उसका संबंध नहीं बना ले' जैसी टिप्पणी करना प्रथम दृष्टया सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने और आपसी वैमनस्यता उत्पन्न करने की कोशिश माना जाता है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं होकर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।

नोटिस में ये भी लिखा

उन्होंने उन्होंने अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियम, 1968 के नियम 3(1), 3 (2) (बी) (i) (ii) का उल्लंघन किया है, जिसके चलते आपने खुद को अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही का भागी बना लिया है। इसलिए कारण बताएं कि, इसके लिए क्यों न आपके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। अपना उत्तर इस कारण बताओ सूचना पत्र की प्राप्ति के 07 दिवस के अंदर प्रस्तुत करें। नियत समयावधि में आपका उत्तर प्राप्त न होने पर योग्य एक पक्षीय अग्रेत्तर कार्रवाई की जा सकेगी।