
भोपाल। राजधानी भोपाल की सौम्या तिवारी ने देश के लिए खेलते हुए इतिहास रच दिया। सौम्या ने अंडर 19 विश्वकप के फाइनल में शानदार पारी खेलते हुए भारत के लिए विजयी शॉट मारा तो साउथ अफ्रीका से लेकर भोपाल तक जश्न ही जश्न मनाया गया। भारतीय वूमन क्रिकेट टीम ने ग्राउंड पर ही 'काला चश्मा जचदा ऐ' गाने पर जमकर डांस भी किया। इधर, भोपाल में सौम्या तिवारी के घर दिवाली मनाई गई। सोमवार सुबह से ही उनके घर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
भोपाल में सौम्या के परिवार के लोग टीवी पर मैच देख रहे थे। जैसे ही सौम्या ने विजयी शाट लगाया, परिवारों ने टीवी पर फूल बरसा दिए। साथ ही बेटी को विजयी तिलक भी लगाया। सौम्पा के पिता मनीष तिवारी भी सांस रोककर बैठे थे। उन्होंने कहा कि बेटी ने मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन कर दिया।
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आतिशबाजी हुई
रचना नगर स्थित सौम्या के घर और आसपास दिवाली सा नजारा था। रात से ही सौम्या तिवारी के घर जश्न का माहौल है। रिश्तेदारों के बधाई संदेश मिल रहे हैं। घर के सभी सदस्य भावुक भी हैं। मां लगातार भगवान की पूजा करती रही। जैसे ही टीम मैच जीती खुशी में सभी झूम उठे और आतिशबाजी की गई। फुलझड़ियां जलाकर दिवाली मनाई गई।
परिवार का सपोर्ट मिला
भारत के लिए नाबाद 24 रन बनाने वाली भोपाल की सौम्या तिवारी क्रिकेट के जुनून के चलते कई बार परीक्षा भी नहीं दे पाती थी। हालांकि हर बार स्कूल की ओर से सपोर्ट मिलता था और अलग से परीक्षा देने की व्यवस्था की जाती थी। सौम्या के पिता मनीष तिवारी कलेक्टर ऑफिस में बाबू हैं। वे डिवीजन लेवल पर क्रिकेट भी खेलते थे। सौम्या को अपने पिता से ही क्रिकेट की प्रेरणा मिली थी। मनीष तिवारी ने बताया, सौम्या की उपलब्धि हमारे लिए काफी बड़ी है।
दो महीने की कोचिंग में मिली सफलता
पिता मनीष ने बताया, सौम्या शुरुआती दिनों में लड़कों को क्रिकेट खेलते देखती थी। इसके बाद उसकी रुचि इसमें बढ़ती चली गई। इसके बाद हमने अरेरा अकादमी में उसका एडमिशन कराया। वहां कोच सुरेश चैनानी की दो महीने की कोचिंग के बाद अंडर-19 और सीनियर डिवीजन के ट्रायल में उसका चयन हो गया।
भारतीय लड़कियों का कमालः पहली बार बनी विश्व चैंपियन
भारतीय लड़कियों ने रविवार को क्रिकेट जगत पर अपनी छाप छोड़ते हुए पहले आइसीसी अंडर-19 टी-20 विश्व कप जीत लिया। फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 36 गेंद शेष रहते सात विकेट से करारी शिकस्त दी और विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि यह महिला क्रिकेट में भारत की पहली आइसीसी ट्रॉफी है। इससे पहले सीनियर महिला टीम आइसीसी टी-20 और वनडे विश्वकप के फाइनल तक तो पहुंची लेकिन चैंपियन नहीं बन सकी।
बेटियों को मिलेंगे पांच करोड़ रुपए
बेटियों की जीत से गदगद बीसीसीआइ के सचिव जय शाह ने टीम को 5 करोड़ देने की घोषणा कर दी। कप्तान शेफाली वर्मा की अगुआई वाली इस टीम को अहमदाबाद आने का न्योता भी दिया, जहां 1 फरवरी को भारत व न्यूजीलैंड की पुरुष टीमों के बीच तीसरा टी-20 मैच खेला जाएगा। अंडर-19 पुरुष विश्व कप का खिताब भी भारत के पास है।
Updated on:
30 Jan 2023 05:09 pm
Published on:
30 Jan 2023 12:18 pm
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