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इग्नू से पीएचडी को मिली मान्यता, ये है एडमिशन का तरीका

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में एक बार फिर से पीएचडी में एडमिशन लिया जा सकेगा। वर्ष 2009 में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन ने इग्नू से पीएचडी करने पर प्रतिबंध लगा दिया था

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rishi upadhyay

Sep 05, 2016

j & k

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भोपाल। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में एक बार फिर से पीएचडी में एडमिशन लिया जा सकेगा। वर्ष 2009 में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन ने इग्नू से पीएचडी करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से ही डिस्टेंस एजुकेशन से पीएचडी पर रोक लगी थी। लेकिन, अब यूजीसी की सहमति के बाद एक बार फिर से अभ्यार्थी पीएचडी कर सकेंगे।


इसके लिए जनवरी 2017 से एडमिशन मिलना शुरू हो जाएंगे। इसके साथ ही इग्नू एमफिल कोर्स को भी शुरू करने जा रहा है। पीएचडी का पाठ्यक्रम यूजीसी के नए रेगुलेशन के अनुसार होगा। इसमें एंट्रेंस एग्जाम के माक्र्स से लेकर कोर्स वर्क तक सभी शामिल है।

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देना होगा एंट्रेंस
पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए अभ्यार्थियों को नेशनल एंट्रेंस एग्जाम से गुजरना होगा। एग्जाम में सफल होने वाले कैंडीडेट्स को फिर इंटरव्यू का सामना करना होगा। दोनो प्रोसेस को पूरा होने के बाद ही मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। इसके बाद एडमिशन दिया जाएगा।



पीएचडी की मॉनिटरिंग के लिए एक रिसर्च काउंसिलिंग बनाई जाएगी। इसके माध्यम से न सिर्फ गाइड अलॉट होंगे, बल्कि सभी रिसर्च स्कॉलर से रिचर्स का ब्योरा भी मांगेगे।

एससी एसटी के लिए कोर्स फ्री
एससी और एसटी कैंडीडेट्स के लिए इग्नू में किसी भी विषय से कोर्स करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं लिया जाएगा। अभ्यार्थी से सिर्फ फॉर्म भरने का ही चार्ज लिया जाएगा।

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