
importance of pan card
भोपाल। पैन कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। अब तक पैन कार्ड का उपयोग ज्यादातर बड़े लेनदेन जैसे की 50000 के ऊपर, इनकम टैक्स रिटर्न भरने में, व्यापारिक गतिविधियों, उद्योगों आदि में टैक्स भरने के लिए होता था लेकिन जब से नोटबंदी हुई है भारत सरकार की सलाह पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (केंद्रीय बैंक) ने इसे सभी खाता धारकों के लिए जरुरी कर दिया है। वर्तमान में ये किसी भी भारतीय नागरिक के लिए जरूरी डक्यूमेंट्स में से एक बन चुका है।
PAN यानी परमानेट अकाउंट नंबर वाला यह कार्ड आपके वित्तीय लेन-देन और आईडी प्रूफ के तौर पर बड़ी भूमिका निभाता है। जब बड़ी राशि का लेन-देन होता है तो लेने और देने वाला इसका एक रिकॉर्ड रखता है जो वर्तमान में पैन कार्ड की सहायता से ही किया जा रहा हैं। इस तरीके से सरकार के पास भी रिकॉर्ड रहता है कि आप आयकर अदा की हुई राशि से ही लेन-देन कर रहे हैं। साथ ही साथ बड़े ट्रांजेक्शन में पैन कार्ड नंबर दर्ज होने से आपसे कोई पूछताछ भी नहीं की जा सकती है।
क्या है पैनकार्ड
पैन कार्ड एक परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन कार्ड 10 डिजिट का एक अल्फान्यूमेरिक (अंक+अक्षर) नंबर होता है। यह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इश्यू करता है। आप चाहे अपना एड्रेस बदलें, यहां तक कि एक राज्य से दूसरे राज्य में जाएं तो भी पैन नंबर वही रहता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पैन होना जरूरी है। अगर किसी की सालाना आमदनी टैक्सेबल है, तो उसे पैन लेना अनिवार्य है।
जानें पैनकार्ड के बारे में जरूरी बात
पैनकार्ड को आयकर विभाग जारी करता है। अगर आपने दो पैन बनवाए हैं तो आपके ऊपर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 272-बी के तहत 10000 रुपए का शुल्क लगाया जा सकता है। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखिए कि आपके पास एक ही पैनकार्ड होना चाहिए। अगर आपने अभी तक पैनकार्ड नहीं बनवाया है तो बनवा लें। पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन एनएसडीएल (नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) और यूटीआईटीएसएल (यूटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लि.) की वेबसाइट के जरिये किए जा सकते हैं।
Published on:
17 Nov 2019 12:08 pm
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