
डेंगू के नाम पर कई निजी अस्पतालों में लूट
एमपी में डेंगू के नाम पर कई निजी अस्पतालों में लूट मची है। कई अस्पताल बिना एलाइजा टेस्ट के ही मरीजों को पॉजिटिव मान रहे हैं। डेंगू की जांच कराने के नाम पर 600 रुपए से 2000 रुपए तक की वसूली चल रही है। हर पैथोलॉजी के अलग-अलग रेट हैं।
राजधानी भोपाल में डेंगू चिंता नहीं बल्कि चिंतन का विषय बनता जा रहा है। इसका कारण है निजी अस्पतालों में कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करना। स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट आदेश हैं कि जब तक मरीज का एलाइजा टेस्ट न हो तो उसे डेंगू पॉजिटिव न माना जाए। इसके बाद भी निजी लैब और अस्पतालों में वसूली का खेल चालू है।
इस संबंध में पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि निजी लैब में रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 600 से 2000 रुपए तक लिए जा रहे हैं। जबकि एंटीजन टेस्ट को सरकार द्वारा मान्य नहीं माना जाता है। भोपाल में फिलहाल डेंगू के मरीजों की संख्या 284 पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार खाली प्लाटों में जमा पानी इसका एक प्रमुख कारण है। लगातार बारिश से पानी सूख नहीं रहा है।
सेंपल को मुंबई-इंदौर भेजना पड़ता है, इसलिए यह टेस्ट महंगे
निजी लैब एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव आने पर डेंगू पॉजिटिव मानती है जबकि इस टेस्ट में पुरानी एंटीबॉडी का संक्रमण भी दिखाई देता है। एलाइजा टेस्ट एक कल्चर टेस्ट है। यह एलाइजा रीडर के साथ किया जाता है। रैपिड कार्ड की कीमत 100 से 300 रुपये प्रति कार्ड तक होती है। ऐसे में लैब एंटीजन जांच के नाम पर मरीज से तीन से चार गुना मुनाफा कमाती है। वहीं एलाइजा टेस्ट के लिए लैब में मौजूद स्टाफ का कहना है कि टेस्ट को मुंबई-इंदौर भेजना पड़ता है।
50 हजार हो गए खर्च
कोलार के 52 वर्षीय राहुल सक्सेना हाल ही में डेंगू की चपेट में आ गए थे। क्षेत्र में ही मौजूद एक निजी लैब से उन्होंने अपना टेस्ट कराया। एंटीजन टेस्ट में वह पॉजिटिव आए। इसके बाद एक सप्ताह तक उनका निजी अस्पताल में इलाज चला जिसमें उनका 50 हजार तक खर्च आया। एंटीजन टेस्ट होने के कारण विभाग की नजर में उन्हें कभी डेंगू हुआ ही नहीं था।
सरकारी अस्पतालों में फ्री जांच
जिला मलेरिया अधिकारी अखिलेश दुबे बताते हैं कि कई निजी अस्पताल मरीजों की जानकारी नहीं भेज रहे हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है की घर की सफाई के बाद टूटे बर्तन, गमले, बाल्टियां छत या खुले में न रखें। इसके अलावा एम्स, भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेन्टर, जेपी जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल बैरागढ़ और हमीदिया अस्पताल में डेंगू की फ्री जांच करवाएं।
सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी बताते हैं कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा टेस्ट ही मान्य है। ये टेस्ट जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज स्तर पर किया जाता है। कोई ज्यादा दाम वसूलता है तो उस पर कार्रवाई करेंगे।
Published on:
23 Sept 2023 10:11 am
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