
इन दिनों न केवल गर्मी तेवर दिखा रही है, बल्कि मौसम भी बार-बार बदल रहा है कभी गर्म हवाएं-उमस, कभी बारिश-ठंडी हवाएं शरीर को बीमारियों का घर बना रही हैं। अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चों में फूड प्वॉइजनिंग के साथ ही तेज बुखार के साथ झटकों के मामले बढ़े हैं। यहां जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स...
गर्मी बढ़ने के साथ ही फूड पॉइजनिंग व डायरिया के मामलों में वृद्धि आई है। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार 25 फीसदी मामलों में बुखार, उल्टी दस्त और पेट से संबंधित अन्य रोग देखे जा रहे हैं। जिनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग शामिल हैं।
बाल रोग की ओपीडी में बच्चे तेज बुखार के साथ झटके आने की समस्या के साथ पहुंच रहे हैं। राहत की बात यह है कि ज्यादातर मरीज दूसरे दिन ही अस्पताल से डिस्चार्ज भी हो रहे हैं।
डॉक्टर्स का कहना है कि गर्मी बढ़ने पर बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए। देखने में आया है कि अस्पताल पहुंचने वाले ज्यादातर मरीजों ने या तो स्ट्रीट फूड या किसी कार्यक्रम में खाना खाया था। जेपी अस्पताल में बुधवार को 5 बच्चों को डिस्चार्ज किया गया। वहीं चार भर्ती हुए।
Updated on:
02 May 2024 09:15 am
Published on:
02 May 2024 09:10 am
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