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नजरअंदाज न करें इंफ्लेमेशन के ये संकेत, हो सकती है बड़ी समस्या

नजरअंदाज न करें इंफ्लेमेशन के ये संकेत, हो सकती है बड़ी समस्या

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Inflammation Causes

Inflammation Causes

भोपाल। इंफ्लेमेशन गंभीर हो या फिर समस्या बड़ी न हो, तो भी यह कई सारी बीमारियों का कारण हो सकता है। दरअसल इंफ्लेमेशन की वजह से टाइप-२ डायबिटीज, हार्ट डिजीज, अल्जाइमर्स, कैंसर, डिप्रेशन जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ नई रिसर्च से यह भी सामने आया है कि इंफ्लेमेशन मोटापे जैसी बीमारियों से भी जुड़ा होता है। इतना ही नहीं, ब्रेन की क्रियाशीलता पर भी इंफ्लेमेशन अपना प्रभाव डालता है, जिससे डिप्रेशन, एंजाइटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। स्किन डॉक्टर रीता दीक्षित बताती है कि यदि आपका शरीर इंफ्लेमेशन संबंधी संकेत दे रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें। चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद उचित उपचार लें। आइए जानते हैं इंफ्लेमेशन के गंभीर संकेत...

हो सकती है स्किन प्रॉब्लम

यदि आप त्वचा पर खुजली या दाने की समस्या से परेशान हैं तो यह अच्छा संकेत नहीं है। ऐसी परेशानी त्वचा में सूजन आने या फिर क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की वजह से हो सकती है। यदि आप त्वचा संबंधी रोग जैसे एक्जिमा से परेशान हैं तो ऐसे में तकलीफ ज्यादा बढ़ सकती है।

बैली फैट का बढऩा

कमर के आस-पास चर्बी बढ़ना भी इंफ्लेमेशन का संकेत है। यह बात वॉशिगंटन यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च से सामने आई है। रिसर्च के अनुसार एनवायरनमेंट टॉक्सिंस इंफ्लेमेशन को बढ़ाने का कारण होते हैं। इसलिए कमर के आस-पास चर्बी बढ़ रही है तो सतर्क हो जाएं।

मेंटल डिस्ऑर्डर

ब्रेन फॉग, पेनिक अटैक और डिप्रेशन आदि क्रॉनिक इंफ्लेमेशन का संकेत होते हैं। इंफ्लेमेशन की वजह से ब्रेन की कैमिस्ट्री भी बिगड़ सकती है। यह मेंटल हेल्थ को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। हेल्थ एक्सपट्र्स के अनुसार यदि आप पहले से ही किसी तरह की दिमागी बीमारी से परेशान हैं तो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन उसे और भी खराब कर सकता है। इसलिए ब्रेन हेल्थ को इंप्रूव करने वाली एक्सरसाइज के साथ ही हेल्दी डाइट लें।

वजन

क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की वजह से वजन बढऩा जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। दरअसल कई सारे ऐसे फूड हैं, जो इंफ्लेमेशन को बढ़ाने का कारण हो सकते हैं। सप्ताह में एक या दो बार ऐसे फूड्स का सेवन करने से मोटापा बढ़ता है। इसलिए यदि कुछ समय से लगातार वजन बढ़ रहा है तो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन के इस संकेत पर अवश्य ध्यान दें।

सिरदर्द

माइग्रेन या लगातार सिर में दर्द होने की परेशानी भी इंफ्लेमेशन का कारण है। सिरदर्द के पीछे भी एनवायरनमेंटल टॉक्सिंस होते हैं, जो आगे चलकर क्रॉनिक इंफ्लेमेशन का कारण भी बनते हैं। इस संबंध में अमरीका की टॉलेडो यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार माइग्रेन और इंफ्लेमेशन, दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। सिर दर्द की वजह पर ध्यान दें।
थकान

इंफ्लेमड सेल्स बीमार सेल्स की तरह होती हैं, जो शरीर के लिए किसी तरह की एनर्जी उत्सर्जित नहीं करतीं, इसी वजह से आप स्वयं को ऊर्जावान महसूस नहीं करते।