
निसंतान को भी मिल जाएगा संतान सुख, आज ही जान लें ये अचूक नुस्खा
भोपालः निसंतान होना आज भी हमारे समाज में एक अभिषाप के रूप में देखा जाता है। खानपान, दिनचर्या में आए बदलाव और मानसिक तनाव के कारण नपुंसकता उत्पन्न हो जाती है, जिसके चलते निःसंतान होना भी एक सामान्य सा कारण हो गया है। कुछ अंग्रेजी दवाइयां इतनी गर्म होती हैं, कि उनके नुख्सान से नपुंसकता उत्पन्न हो जाती है। इनमें उच्च रक्तचाप और मधुमेह की दवाएं काफी घातक मानी जाती हैं। कई बार नपुंसकता का कारण शारीरिक न होकर मानसिक हो सकता है, ऐसे में पीड़ित को केवल चिकित्सकीय काऊंसिलिंग की ज़रूरत होती है।
निसंतानता का तनाव
संतान ना होने की पीड़ा तो सिर्फ वही दंपत्ति जान सकते हैं, जिनकी कोई संतान नहीं है। एक तरफ शारिरिक कमजोरी का तनाव झेल रहे दंपत्ति के सामने परिवार समाज के ताने सुन्ना भी एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे होलात में दंपत्ति कई तरह के इलाज कराने मे भी पीछे नहीं रहते। वो इस समस्या स निजात पाने के लिए अच्छा-बुरा हर तरीका आजमाने को तो राजी रहते ही हैं। साथ में कई महंगी से महंगी दवाओं का सेवन करने में भी पीछे नहीं रहते। लेकिन आमतौर पर नतीजे निराधार ही होते हैं। ऐसे में आयुर्वेद के कुछ प्रमाणित नुस्खे बहुत कारगर होते हैं। कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे स्त्री और पुरुष की नपुंसकताजन्य निःसंतानता के साथ ही शुक्राणुजन्य समस्याओं को दूर करने में कारगर होते हैं। आइये जानते हैं, उन खास नुस्खों के बारे में...।
खास उपाय
श्वेत कंटकारी के पंचांग को सुखाकर पाउडर बना लें। इसे स्त्री के मासिक धर्म के 5वें दिन से लगातार हर तीन दिन बीच दूध में मिलाकर पिलाएं। इसके अलावा पुरुष को अश्वगंधा 10 ग्राम, शतावरी 10 ग्राम, विधारा 10 ग्राम, तालमखाना 5 ग्राम, तालमिश्री 5 ग्राम सब मिलकर 2 चम्मच दूध के साथ रोज़ाना रात में सोते समय पिलाएं आयुर्वेद चिकित्सकों का मानना है कि, कुछ ही समय में लाभ होगा।
अन्य अचूक उपाय
-स्त्री में “फलघृत” नामक आयुर्वेदिक औषधि भी इनफरटीलीटी को दूर करता है।
-अश्वगंधा 1.5 ग्राम. शतावरी 1.5 ग्राम, सफ़ेद मुसली 1.5 ग्राम एवं कौंच बीज चूर्ण को 75 मिलीग्राम की मात्रा में गाय के दूध से सेवन करने से भी नपुंसकता दूर होकर कामशक्ति बढ़ जाती है।
-शिलाजीत का 250 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम की मात्रा में दूध के साथ नियमित सेवन भी मधुमेह आदि के कारण आयी नपुंसकता को दूर करता है।
-नपुंसकता को दूर करने के लिए उचित चिकित्सकीय परामर्श एवं समय पर कुछ आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग कर इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है।
Published on:
10 Jan 2019 02:58 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
