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बात 2011 की है। जब धार के सरदारपुर से भाजपा विधायक वेलसिंह भूरिया उस वक्त जिला पंचायत सदस्य थे। सरदारपुर में भूमिपूजन कार्यक्रम था। इसमें तत्कालीन कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल को आमंत्रित किया गया था, लेकिन भूरिया को नहीं बुलाया गया।
इससे नाराज भूरिया बगैर आमंत्रण कार्यक्रम में पहुंच गए और एक कांग्रेस नेता की धुनाई कर दी। पुलिस ने कांग्रेस नेता की शिकायत पर भूरिया के खिलाफ 16 नवंबर 2011 को प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में भूरिया आज तक न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि, इस मामले में भूरिया ने भी कांग्रेस नेता पर केस दर्ज कराया था।
इस विवाद के पीछे राजनीति भी है। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान श्रेय भी विवाद का कारण रहा। कांग्रेस नेताओं के इस कार्यक्रम में भूरिया की एक न चली।
उनका हातोद निवासी कांग्रेस नेता जगदीश पाटीदार से विवाद भी हो गया। विवाद हाथापाई तक जा पहुंचा। पाटीदार की शिकायत पर पुलिस ने भूरिया के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रकरण दर्ज कर लिया।
बहुत पुराना मामला है, एक दम से कैसे बता सकता हूं। अभी मीटिंग में हूं, इस मामले में बाद में बात करूंगा।
- वेलसिंह भूरिया, विधायक सरदारपुर
इधर, कांग्रेस का आरोप- रेत में 1200 करोड़ का घोटाला...
वहीं दूसरी ओर अब रेत के अवैध उत्खन्न को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है, कांग्रेस के अनुसार प्रदेश सरकर ने ठेकेदारों को उपकृत करने के लिए नियमों का शिथिल किया, जिससे रेत का अवैध उत्खनन किया गया।
रेत की इस लूट में 1200 करोड़ का घोटाला हुआ है। इसकी सीबीआइ जांच होनी चाहिए। मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा और उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि 2016 में ई-ऑक्शन के जरिए जो खदानें वर्ष 2020 तक आवंटित की गईं, उनमें शर्तों के अनुसार ऑफर मूल्य को 12 किस्तों में बांटकर ठेकेदारों से मासिक कार्ययोजना लेनी थी, लेकिन सरकार ने ठेकेदारों को अपनी सुविधानुसार किस्तें निर्धारित करने की सुविधा दे दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रति वर्ष 15 जून से सरकार रेत उत्खनन प्रतिबंधित करती है, लेकिन इस बार प्रतिबंध की तारीख के २५ दिन पहले ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने वाला आदेश पारित कर दिया गया।
Published on:
04 Oct 2018 08:29 am
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