
Investigation into VIP treatment for Giribala Singh in jail regarding the Twisha case
Twisha Sharma Case- भोपाल की पूर्व जज गिरिबाला सिंह अपनी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी हैं और सेंट्रल जेल में बंद हैं। केस का मुख्य आरोपी बेटा समर्थ सिंह भी यहीं है। जेल में मां-बेटे को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया जा रहा है जिसपर बवाल मच गया है। सेंट्रल जेल में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को अस्पताल में रखा गया। शिकायत सामने आने के बाद जेल विभाग ने मामले की जांच कराई जिसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। बताया जा रहा है कि जेल में आरोपियों को ड्राई फ्रूट्स और ब्लैक कॉफ़ी भी उपलब्ध कराई गई। इधर जेल अधिकारियों ने वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप सिरे से नकार दिए। उनका कहना है कि गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को एक भी सुविधा, गैर कानूनी रूप से नहीं दी गई है। जेल के नियमों के अनुसार ही खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराई गईं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अन्य कैदी भी इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सीबीआई ने 5 दिन की रिमांड खत्म हो जाने के बाद 2 जून को पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल कोर्ट में पेश किया था। जांच अधिकारियों ने रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की तो कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल की सेंट्रल जेल में रखा गया है। यहां दोनों को 16 जून तक रहना होगा।
सेंट्रल जेल में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को अस्पताल में रखा गया। इसके लिए पूर्व जज की उम्र और सेहत का हवाला दिया गया जबकि उनके बेटे के पैर में चोट लगी थी जिसके लिए उन्हें जेल के अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती करने की बात बताई गई।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जेल के अस्पताल में रखने और उन्हें बेड मुहैया कराने की खबरें मीडिया में आईं तो नया विवाद छिड़ गया। ट्विशा केस के आरोपियों को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोप लगने लगे। बताया गया कि भोपाल की जिला और सत्र न्यायाधीश के कार्यकाल के दौरान गिरिबाला सिंह जेल आती रहीं थीं। आरोप लगाया गया कि उन्हीं संबंधों के आधार और रसूख को देखते हुए जेल में उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं।
विवाद बढ़ा तो जेल विभाग के अधिकारी सतर्क हुए। जेल मुख्यालय ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल में अस्पताल में रखने के मामले की जांच कराई। डीआईजी संजय पांडे को यह जांच सौंपी गई थी। पता चला है कि उन्होंने जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट जेल महानिदेशक वरुण कपूर को सौंप भी दी है।
चर्चा है कि गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जेल में खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स दिए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने जेल में ब्लैक कॉफ़ी भी पी। हालांकि सेंट्रल जेल के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को खाद्य सामग्रियां नियमानुसार ही उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। जेल में केंटीन हैं जहां की खाद्य वस्तुएं सभी बंदियों के लिए सहज रूप से उपलब्ध हैं।
Published on:
06 Jun 2026 11:35 am
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