
एमपी के इस आईपीएस के पास मिली थी करोड़ों की संपत्ति, अब भारत सरकार ने किया बर्खास्त
भोपाल। लंबे समय से भ्रष्टाचार के केस में फंसे 1995 बेंच के आईपीएस आॅफिसर डॉक्टर मयंक जैन को गुरूवार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार 15 मई को लोकायुक्त की टीम ने उनके समर्थित निवास भोपाल, इंदौर, रीवा पर छापा मारा था। जिसके चलते सरकार ने उनके खिलाफ यह कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार आईपीएस पर अत्यधिक संपत्ति होने की सूचना लोकायुक्त को भी उच्च अधिकारियों से प्राप्त हुई। उसके बाद ही लोकायुक्त की टीम ने आॅफिसर मयंक जैन के घर छापा मारा था। जांच में पता चला कि आईपीएस मयंक जैन ने अपने परिवार वालों के नाम करोड़ों की सम्पत्ति खरीदी थी। यह सम्पत्ति उनकी इनकम से कई प्रतिशत ज्यादा थी। जिसके चलते आईपीएस जैन को 31 मई को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
छापे के दौरान कहां क्या मिला
छापे के दौरान भोपाल के बीमाकुंज, कोलार रोड के सामने परफेक्ट प्लाजा में नर्सिग होम, रिवेयरा टाउनिशप स्थित किराए के मकान में 90 हजार रूपये नगद व 15 लाख रू के जेवरात मिले। जर्मन शेफर्ड डॉग जिनकी कीमत 25-25 हजार रुपए है। साथ ही कोलार के महाबली नगर, कोलार रोड में 3000 वर्ग फीट का मकान भी मिला।
वहीं इंदौर के एक शैक्षणिक संस्थान में पार्टनरशिप सहित झाबुआ में 6 एकड़ की कृषि भूमि मिली। इसके साथ ही डीएलएफ गार्डन सिटी, इंदौर और कंचन नगर, ओल्ड पलासिया में दो फ्लैट। राउखेड़ी, सांवेर में स्टोन क्रशर और सीमेंट मिक्सिंग प्लांट भी मिले।
उज्जैन की बात करें तो उज्जैन की ओमेक्स सिटी में तीन हजार वर्ग फीट का प्लॉट, रीवा में रहट में मकान, नर्सिंग होम और 19 लाख नकद मिले। खरगोन के भीकन गांव और खरगोन में 45 एकड़ कृषि भूमि मिली।
प्रदेश के पहले आईपीएस भष्टाचार के केस में बर्खास्त
सूत्रों के अनुसार 1995 बेंच से बनने वाले आॅफिसर डॉक्टर जैन स्टेट के पहले ऐसे आॅफिसर है, जो भ्रष्टाचार के केस मेें बर्खास्त किए गए है।
Published on:
17 Aug 2018 03:52 pm
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