
Memoirs related to Atal ji: इस वजह से ढाई माह सीहोर में रहे थे अटल जी
सीहोर। जनसंघ के दौर में चुनाव प्रचार की कमान संभाले अटल बिहारी जी का सीहोर से भी नाता रहा है। सन् 1958 में जनसंघ के उपचुनाव प्रचार के अंदर सड़क हादसे में उन्हें ढाई माह तक सीहोर में रहने को विवश होना पड़ा था, स्थानभाव का कारण वे गोदाम में रहे थे। इस दौरान उनके पैर में फ्रेक्चर होने पर एक महीने तक जनसंघ से जुड़े महाजन परिवार के साथ रहे थे। उनके निधन की खबर लगते ही शहर में भी शोक की लहर दौड़ गई।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में निधन हो गया। पूर्व प्रधान मंत्री का नाता शहर से भी रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुदर्शन महाजन ने अटल जी के संस्मरणों की याद ताजा कर रहे हैं कि वर्ष 1958-59 के विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में उनके पिता और वरिष्ठ एडवोकेट दीवानचंद महाजन और कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में अमरचंद रोहिला मैदान में थे, उपचुनाव के कारण सभी जनसंघ के नेता सीहोर में दमखम लगा रहे थे। जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी स्टार प्रचारक के रुप में सीहोर में थे।
चुनाव प्रचार के लिए अमलाहा में सभा करने जाना था, जहां पर उन्हें सीहोर से एक मिनी ट्रक में ले जाया जा रहा तभी मार्ग में अमलाहा के समीप सड़क हादसा हो गया। मवेशी से टकराने पर मिनी ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वें अटल जी आगे बैठे होने से उनके पैर में फेरक्चर हो गया। जिन पर उन्हें सीहोर लाया गया, फ्रेक्चर के कारण उन्हें ढाई माह तक सीहोर में रहना पड़ा। सेठ नारायण दास कपाउंड में सेठ गोवर्धन दास अग्रवाल के गोदाम थे। उनमें से एक गोदाम खाली करवाया ताकि उन्हें रुक्वाया जा सके। ढाई माह तक वे वही रुक कर कार्यकर्ता से मिल गया था।
हाथी पर बैठाकर घुमाया था अटलजी को
वरिष्ठ भाजपा नेता सुदर्शन महाजन ने कहा कि इस हादसे के पहले अटल जी जावर भी गए थे, पर पर हाथी पर बैठा कर घुमाया था। तब अटल जी ने कहा था कि अजीब शहर है सीहोर, कभी हाथी पर घूमाते है तो कभी ट्रक में, इस उपचुनाव में दीवान चंद महाजन दस हजार वोटों से जीते थे। जिसका सारा ऑपरय अटल जी को दिया गया था।
उन यादों में रो शहर था
सन्नी महाजन और जनसंघी परिवार के मोनू नाम देव ने कहा कि वर्ष 1980 में मुंबई में आयोजित अधिवेशन के पूर्व प्रधान मंत्री का सीहोर में आना हुआ था। इस दौरान बड़ा बाजार में उन्होंने सभा को संबोधित किया था। पूर्व प्रधान मंत्री सभा के करीब तीन से चार घंटे पहले ही आ गए थे। इस दौरान उनका पूरा शहर ने भव्य रूप से स्वागत किया था। पूर्व प्रधान मंत्री के निधन की खबर लगते ही राजनैतिक दलो के साथ, आम जनो में भी मायूसी छा गई।
Published on:
17 Aug 2018 02:35 pm
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