भोपाल

सालाना पौने सात सौ करोड़ रुपए के बजट से भोपाल मास्टर प्लान के प्रावधानों को लागू करने का है जिम्मा

भोपाल.भोपाल विकास प्राधिकरण इस साल करीब आधा दर्जन नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रहा है, लेकिन बीते सालों में शुरू किए प्रोजेक्ट पूरी तरह नहीं बिक पाए है। विद्यानगर फेस दो से लेकर मिसरोद फेस दो, एयरोसिटी और अन्य प्रोजेक्ट में ऐसी ही स्थिति है। बीडीए पर भोपाल मास्टर प्लान के प्रावधानों को […]

3 min read
Mar 23, 2025

भोपाल.
भोपाल विकास प्राधिकरण इस साल करीब आधा दर्जन नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रहा है, लेकिन बीते सालों में शुरू किए प्रोजेक्ट पूरी तरह नहीं बिक पाए है। विद्यानगर फेस दो से लेकर मिसरोद फेस दो, एयरोसिटी और अन्य प्रोजेक्ट में ऐसी ही स्थिति है। बीडीए पर भोपाल मास्टर प्लान के प्रावधानों को लागू करने का जिम्मा है और इसके लिए सालाना करीब पौने सात सौ करोड़ रुपए का बजट तय कर काम करता है।

ऐसे समझे स्थिति

  • मिसरोइ बर्रई प्रोजेक्ट। अभी 60 फीसदी की बिक्री बाकी।
  • मिसरोद फेज एक व दो में आधे खाली है।
  • एयरोसिटी फेज एक में 217 हेक्टेयर विकसित हुआ, लेकिन 60 फीसदी मकान बिकना बाकी है।
  • विद्यानगर फेज दो करीब 40 हेक्टेयर पर विकसित किया जा रहा प्रोजेक्ट है, अभी विक्रय ही शुरू नहीं किया है।
  • मिसरोई, बर्रई, बगली नगर विकास योजना में कुछ सडक़ें बनी। विक्रय कुछ नहीं हुआ।

ये नए प्रोजेक्ट किए जा रहे शुरू

  • रक्षाविहार फेज तीन- आठ हेक्टेयर का प्रोजेक्ट। 5.80 करोड़ रुपए लागत।
  • एयरोसिटी फेज दो- 47 हेक्टेयर का प्रोजेक्ट। 38.77 करोड़ रुपए लागत।
  • विद्यानगर फेज तीन- 10.60 हेक्टेयर का प्रोजेक्ट। 28.27 करोड़ रुपए लागत।
  • एयरोसिटी एक्सटेंशन प्रोजेक्ट। अभी लागत और क्षेत्र तय होगा।
  • हिनोतिया आलम नगर विकास योजना।
  • भैरोपुर, मिसरोद, बगली नगर विकास योजना।

कोट्स
बीडीए अपने प्रोजेक्ट्स का विक्रय करने अलग-अलग रणनीति पर काम कर रहा है। नए प्रोजेक्ट्स भी लाना जरूरी है। पुरानों का विक्रय ओर नए का निर्माण साथ-साथ कर रहे हैं।

- संजीवसिंह, प्रशासक बीडीए- संभागायुक्त

अब पूरे मार्च खुलेंगे पंजीयन कार्यालय, विरोध में पंजीयन अफसर- कर्मचारी
भोपाल.

वित्तवर्ष का आखिरी माह होने से मार्च में होली के अवकाश का छोडक़र बाकी दिनों में पंजीयन कार्यालय खुले रहेंगे। महानिरीक्षक पंजीयन की ओर ये जारी इस आदेश का विरोध भी होने लगा है। मप्र पंजीयन विभाग अधिकारी कर्मचारी संघ ने महानिरीक्षक कार्यालय को इसे लेकर विरोध भी दर्ज कराया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन रविवार को अवकाश जरूरी है। गौरतलब है कि मार्च में रजिस्ट्री कराने के लिए स्लॉट बुकिंग बढ़ जाती है। एक अप्रेल से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होना होती है। ऐसे में लोग पुरानी दरों यानि सस्ती दरों पर रजिस्ट्री करवाकर कुछ राशि बचाना चाहते हैं।

पीडब्लूडी रोड- ब्रिज…. हर निर्माण की घटिया गुणवत्ता

  • चीफ इंजीनियर स्तर से प्रोजेक्ट का थर्ड पार्टी ऑडिट हो रहा है, इसमें घटिया गुणवत्ता की स्थिति सामने आ रही
  • बीते चार माह में सात इंजीनियर किए सस्पेंड, सभी ब्रिज सडक़ क्वालिटी सवालों के घेरे में

भोपाल.
लोक निर्माण विभाग की सडक़ें और ब्रिज सवालों के घेरे में है। विभाग का हर निर्माण गुणवत्ता के मानक पर फेल हो रहा है। चीफ इंजीनियर स्तर से शुरू की गई मॉनीटरिंग व जांच के बाद कार्रवाईयों में ये स्थिति सामने आई है। बीते चार माह में ही करीब सात इंजीनियरों को घर का रास्ता दिखाया जा चुका है। इसमें से दो भोपाल के ही है।

ऐसे समझे स्थिति

  • आंबेडकर ब्रिज में सरफेस पर गड़बड़ी मिली। यहां तो प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने खुद जांच की थी। इसके बाद दो इंजीनियरों को निलंबित किया गया था।
  • भोपाल देवास मार्ग में 20, 23, 24 व 25 किमी में सरफेस पर क्रेक मिले थे। इसमें डिवाइडर में पेंटिंग, साइन बोर्ड, शोल्डर तय मानक के अनुसार नहीं मिला। इसमें दो इंजीनियर निलंबित किए थे।
  • सात जिलों में 35 निर्माण कार्या की जांच की और 70 फीसदी में गड़बड़ी मिली, जिसपर कार्रवाई की गई।

भोपाल में ऐसे समझे स्थिति

  • कोलार सिक्सलेन प्रोजेक्ट की रोड का लोकार्पण होना है। 15 किमी लंबी व 305 करोड़ रुपए लागत की रोड में कई जगह क्रेक नजर आ रहे हैं।
  • बावडिय़ा ब्रिज शुरू हुए को अभी तीन साल ही हुए, लेकिन यहां सीसी पर लंबे क्रेक है। इसे मरम्मत कर चलाया जा रहा।
  • पुराने शहर की हमीदिया रोड समेत संबंधित सडक़ों का निर्माण चल ही रहा है, लेकिन इनपर भी क्रेक नजर आ रहे।
  • हिनोतिया आलम से सेमरी रोड पर नहर के लिए बनाई डक्ट धंस रही है। रोड पर भी क्रेक है।

इंजीनियरों का विरोध भी

  • लगातार कार्रवाई से इंजीनियर विरोध में है। चीफ इंजीनियर स्तर पर जांच और कार्रवाई को वे एकतरफा बता रहे हैं। इसे नहीं रोकने पर चार मार्च से हड़ताल की चेतावनी भी दे रहे हैं। गौरतलब है जांच और कार्रवाई का शेड्यूल खुद मंत्री चौधरी राकेश सिंह व उनकी टीम ने तय किया है।

कोट्स
उच्चगुणवत्ता के साथ पीडब्ल्यूडी के काम हो, इसलिए शासन ने जांच व कार्रवाई की रूपरेखा तय की है। ये बनी रहेगी। हम सभी पक्षों को सुनने की व्यवस्था भी करेंगे।

  • केपीएस राणा, इएनसी, पीडब्ल्यूडी
Published on:
23 Mar 2025 11:16 am
Also Read
View All

अगली खबर