
प्रवेंद्र तोमर
भोपाल. आइटीआइ द्वारा तकनीकी कौशल विकास के तहत पासआउट को कंपनियों में अप्रेंटिसशिप के नाम पर दी जा रही जॉब जंच नहीं रही है।
छात्रों का दावा है कि कंपनियां रजिस्ट्रेशन तो बड़ी नौकरी के लिए करा लेती हैं, लेकिन मेले में फिटर, डीजल इंजन, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मैकेनिक के इंटरव्यू ही लिए जाते हैं। बड़े कोर्स या बड़े पदों पर कोई कंपनी रुचि नहीं दिखाती, न ज्यादा सेलरी देती है। सात हजार रुपए में शहर में नौकरी नहीं हो पाती, तो बाहर कैसे कर सकेंगे। सोमवार को आइटीआइ में आयोजित अप्रेंटिस मेले में युवा निराशा हुए, जब मंच से एक होटल में हाउस कीपिंग की जॉब का ऑफर आया। युवाआें ने हूटिंग की और कहा कि बस यही जॉब ऑफर बाकी रह गई थी। आइटीआइ के प्रिंसिपल श्रीकांत गोलाइत का दावा है कि मेले में 1700 छात्रों को बुलाया गया।
लाइट चली गई, अंधेरे में होता रहा इंटरव्यू
इंटरव्यू के लिए आई कंपनियों के कर्मचारियों की स्थिति ये थी कि लाइट जाने के बाद भी मोबाइल और लैपटॉप की लाइट में इंटरव्यू करते रहे। आवेदक से बातचीत तो भीड़ में सिर्फ खानापूर्ति ही बनकर रह गई। थोड़ी देर बाद लाइट आई, लेकिन एेसे ही आती जाती रही और आवेदक पसीने में इंटरव्यू देते रहे।
सीधी बात-श्रीकांत गोलाइत, प्रिंसिपल, आइटीआइ
प्रश्न-आवेदकों को मोबाइल पर कई ट्रेड का रजिस्ट्रेशन कराया गया, जॉब चुनिंदा ट्रेड में ही हैं?
उत्तर -आज छह कंपनी आईं हैं, ज्यादातर इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, फिटर, प्लंबर के इंटरव्यू हो रहे हैं। फिर जैसे कंपनी की डिमांड होती है कॉल कर लेती है।
प्रश्न-क्या हाउसकीपिंग के लिए भी यहां इंटरव्यू कॉल किए गए हैं?
उत्तर -एेसा नहीं है, शायद जिस होटल को बुलाया हो, उसने कॉल किया होगा।
प्रश्न-क्या खुले मंच से एेसे जॉब के लिए कॉल कर सकते हैं, ये कोर्स यहां कराया जाता है?
उत्तर -इसका कोर्स यहां नहीं होता है, किसी ने कॉल किया होगा, इस कारण हो सकता है।
प्रश्न-एक साल में कितनों को अप्रेंटिस के माध्यम से भर्ती कराते हैं, आज कितने कॉल किए गए?
उत्तर -हमारे यहां एक साल में 1200 से 1500 छात्र निकलते हैं। इतने ही अप्रेंटिस -मेले में आते हैं। अप्रेंटिस जॉब की खिड़की है। यहां छात्र अपना कौशल निखारते हैं। कंपनी चाहे तो उन्हें आगे कंटीन्यू करे या नहीं, ये उनका नजरिया है। हमने आज 1700 को मौका दिया है।
सैलरी भी देते है कम
मैंने फैशन ट्रेड में रजिस्ट्रेशन है, उसका नंबर नहीं आया। मंच से होटल में हाउसकीपिंग की जॉब बता रहे। जॉब लग भी जाए तो सैलरी कम देते हैं। कई बार तो इस ट्रेड का नंबर ही नहीं आता है।
सचिन त्यागी, आवेदक
आना हो गया बेकार
एसी रिपेयरिंग के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। लेकिन यहां डाटा एंट्री और मोबाइल रिपेयर के लिए जॉब बता रहे हैं। जो मेरी फील्ड का काम ही नहीं है। मेरा तो यहां आना ही बेकार हो गया।
नितिन गुप्ता, आवेदक
Published on:
06 Oct 2021 09:21 am
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