
साल 2020 का वक्त था। देश में कोरोना की एंट्री हो गई थी। देश में लोगों की मौतें होने लगी थी। 22 मार्च की रात को 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी पर आकर पूरे देश में 'जनता कर्फ्यू' की घोषणा कर दी थी। मध्यप्रदेश में इसके बाद सन्नाटा पसर गया था। 21 दिनों तक पूरा प्रदेश घरों में कैद हो गया था। लेकिन, संकट तब और बढ़ गया था जब मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल में ज्यादा संक्रमित मिलने लगे थे और लोगों को अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही थी।
देश में लगे लॉकडाउन को लोग भूल गए हैं या याद नहीं करना चाहते हैं। इसे कोई याद नहीं करना चाहता। दौर ही कुछ ऐसा था, जिसने सभी को सन्न कर दिया था। क्योंकि जनता कर्फ्यू के दौरान सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक हर किसी को अपने घरों में ही कैद रहना था। सभी बाजार, सभी दुकानें, सार्वजनिक वाहन, दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे। हालांकि जरूरत की चीजों के लिए कुछ दुकानों को छूट दी गई थी।
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क्या कहा था उस समय पीएम ने
पीएम ने देशभर के 135 करोड़ हिन्दुस्तानियों से 22 मार्च 2020 से जरूर जनता कर्फ्यू लगा दिया था, लेकिन उससे तीन दिन पहले 19 मार्च को रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए अपील की थी। तब पीएम नो कहा था कि कोरोना वायरस के खतरे को बताया था औरहर किसी से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की थी।
घरों की बालकनी से बजाई थी थाली
पीएम मोदी ने सभी लोगों से जनता कर्फ्यू के साथ-साथ एक खास अपील भी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि 22 मार्च को 5 बजकर 5 मिनट पर अपने घरों की बालकनियों में खड़े होकर थाली, चम्मच और ताली बजाते हुए एक जुट होकर इस समस्या से निपटने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों, कोरोना वारियर्स को ताली और थाली बजाकर उन्हें सैल्यूट करने की भी अपील की थी।
पीएम की अपील का पड़ा था असर
पीएम की अपील का देशभर में असर देखने को मिला था। बड़े शहर ही नहीं, हर गांव और कस्बे, गली मोहल्ले में इसका असर देखने को मिला था। सड़कों पर सन्नाटा था। लोग थाली बजाते हुए भी दिखे। कई लोगों ने इसे उत्साह से किया था। इसके जरिए यह संदेश दिया गया था कि हम इस महामारी से एकजुट होकर लड़ेंगे। एक गरीब आदमी से लेकर बालीवुड के सुपर स्टार भी थाली और चम्मच बजाते हुए इस अभियान में शामिल हुए थे।
दो दिन बाद फिर संबोधित किया
पीएम मोदी ने दो दिन बाद एक बार फिर देश को संबोधित किया और लोगों की तरफ से लगाए गए इस जनता कर्फ्यू की सराहना की। लेकिन, इसी के साथ ही 21 दिन का लॉकडाउन लगाने की भी घोषणा कर दी गई। इसके बाद लोग 21 दिनों तक अपने घरों में कैद हो गए थे। पूरा देश ही बंद हो गया था। कई लोगों के रोजगार पर संकट आ गया था। रोजमर्रा के कमाने वाले लोगों पर मुसीबत थी। बड़े शहरों में छोटा-मोटा काम करने वालों को मजबूरन अपने गांव लौटना पड़ा। सभी बस, ट्रेनें बंद हो गई थी। लिहाजा लोग अपनी और परिवार की खातिर कई महानगरों से अपने-अपने गांवों की तरफ पैदल ही निकल पड़े थे। इस दौरान कई लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा, तो कई समाजसेवी लोगों ने इन लोगों की मदद भी की।
क्या फिर लौट रहा है कोरोना
देश में एक बार फिर कोरोना ने मार्च माह में बढ़त हासिल कर ली है। देश में जनता करप्यू के दौरान कुल 330 मामले आए थे। अब एक बार फिर धीरे-धीरे कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में कोरोना मुक्त हो चुके मध्यप्रदेश में अब पांच जिलों में कोरोना फिर से बढ़ने लगा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी टेंशन में है।
Updated on:
29 Apr 2023 05:30 pm
Published on:
22 Mar 2023 05:26 pm
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