2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश की सबसे अमीर सांसद कहलाएगी भोपाल की बेटी, यूपी से बनी है उम्मीदवार

मध्यप्रदेश के भोपाल की बेटी जल्द ही देश सांसद बनने वाली है। खास बात यह है कि वो सबसे अमीर सांसद बनने जा रही हैं। इस बेटी ने उत्तरप्रदेश से राज्यसभा का

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Mar 14, 2018

Jaya Bhaduri Bachchan

Jaya Bhaduri Bachchan


भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल की बेटी जल्द ही देश सांसद बनने वाली है। खास बात यह है कि वो सबसे अमीर सांसद बनने जा रही हैं। इस बेटी ने उत्तरप्रदेश से राज्यसभा का पर्चा भरा है और अपनी संपत्ति 10 अरब रुपए घोषित की है।

हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के जबलपुर में जन्मी और भोपाल में पली-बढ़ी जया भादुड़ी की। जिसे पहले लोग गुड्डी के नाम से जानते थे, अब जया बच्चन के नाम से जानते हैं। वे उत्तरप्रदेश से सपा की राज्यसभा सांसद हैं।

सबसे अमीर सांसद बन जाएंगी जया
चौथी बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए का चुनाव लड़ रहीं जया बच्चन ने अपनी संपत्ति 10 अरब बताई है, जो इस वक्त सभी सांसदों में सबसे अमीर हैं।

जया का जीतने तय
राजनीतिक जानकारों के अनुसार जया बच्चन समाजवादी पार्टी से खड़ी हुई है। उत्तरप्रदेश से राज्यसभा की 10 सीट है। जया के जीतने के लिए 37 सपा विधायकों की आवश्यकता है, जो सपा के पास हैं। इसलिए इस स्थिति में जया चुनाव जीतकर देश की सबसे अमीर सांसद बन जाएंगी।

दोगुनी हो गई जया की संपत्ति
- इससे पहले 2012 के राज्यसभा चुनाव में जया ने 493 करोड़ की संपत्ति की घोषणा अपने शपथ पत्र में की थी।
- 2018 के राज्यसभा चुनाव में पर्चा दाखिल करने वाली जया ने इस बार 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति घोषित की है। जो पिछले साल से दोगुनी हो गई है।
-इस घोषणा पत्र के मुताबिक अब राज्यसभा में सबसे अमीर सांसद जया होंगी।
-जया के पति अमिताभ बच्चन ने 2011-12 में 72.5 करोड़ रुपए की आय की थी। 2017-18 में अमिताभ की सालाना कमाई 78.6 करोड़ रुपए हो गई है, इसमें करीब 6 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है।

अमिताभ भी कर चुके हैं राजनीति
- जया से पहले उनके पति अमिताभ बच्चन भी राजनीति में रिकार्ड कायम कर चुके हैं।
-1984 में हुए चुनाव में वे लोकसभा के लिए इलाहाबाद से कांग्रेस सीट से जीते थे। उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को रिकार्ड अंतर से हराया था।
- लेकिन राजनीति उन्हें रास नहीं आई और तीन साल में ही वे राजनीति से विदा हो गए। 1987 में उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था।