
Jitu Patwari demanded resignation from Shivraj Singh Chauhan on Jagdeep Dhankhar's question
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कठघरे में खड़ा कर दिया। किसानों के मुद्दे पर उनसे सीधे और तीखे सवाल पूछे। केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने पूछा- किसान परेशान क्यों हैं? तब मंच पर केंद्रीय कृषि व कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि पुरस्कार तो दूर, हम किसानों को उनका हक भी नहीं दे रहे। उपराष्ट्रपति के इस वक्तव्य के बाद बुधवार को प्रदेश कांग्रेस ने शिवराजसिंह चौहान से इस्तीफे की मांग कर डाली।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कृषि मंत्री से पूछा कि किसानों से कोई वादा किया गया था तो उसे क्यों नहीं निभाया गया? हम क्या कर रहे हैं, वादा पूरा करने के लिए? पिछले साल भी आंदोलन था, इस साल भी आंदोलन है। समय जा रहा है, लेकिन हम कुछ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कृषि मंत्री के सामने चुनौती है। किसान से तुरंत वार्ता होनी चाहिए और सबको यह जानना चाहिए कि क्या पिछले कृषि मंत्रियों ने कोई लिखित वादा किया था? अगर किया था, तो क्या हुआ?
देश के उपराष्ट्रपति द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्री से सार्वजनिक रूप से सवाल पूछने के बाद प्रदेश कांग्रेस सक्रिय हो उठी। एमपी कांग्रेस ने अपने एक्स हेंडल पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का वीडियो पोस्ट किया। प्रदेश कांग्रेस के तमाम नेताओं ने भी यह वीडियो पोस्ट करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान पर कमेंट किए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने तो बाकायदा प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई और कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। पटवारी ने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे साबित हो गया है कि शिवराजसिंह चौहान झूठ बोलते हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारोें को भी घेरा।
क्या कहा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने
किसानों से जो वादा किया था, उसे देने में कंजूसी कर रहे हैं। मुझे समझ में नहीं आता कि किसान से वार्ता क्यों नहीं हो रही? हमारी मानसिकता सकारात्मक होनी चाहिए। यह नहीं सोचना, कि किसान को यह कीमत देंगे तो नकारात्मक परिणाम होंगे।
यह संकीर्ण आकलन है कि किसान आंदोलन का मतलब केवल वे लोग हैं जो सड़कों पर हैं। किसान का बेटा आज अधिकारी है, कर्मचारी है। मैंने पहली बार भारत को बदलते हुए देखा है। महसूस हो रहा है कि विकसित भारत सिर्फ हमारा सपना नहीं, हमारा लक्ष्य है। भारत कभी इतनी ऊंचाई पर नहीं था। जब ऐसा हो रहा है तो मेरा किसान क्यों परेशान है?
Updated on:
04 Dec 2024 10:04 pm
Published on:
04 Dec 2024 09:58 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
